
सरकार की 6,000 रूपए की मदद किसानों के लिए कितनी फायदेमंद होगी, जानें
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले अपने अंतरिम बजट में किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की घोषणा की है।
योजना में सरकार द्वारा 2 हेक्टेयर (5 एकड़) से कम जमीन वाले किसानों के बैंक खाते में सालाना 6,000 रूपए डाले जाएंगे।
योजना को सरकार की नाराज किसानों को मनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार इसमें सफल होगी या नहीं और इस योजना से किसानों को कितना फायदा होगा, आइए जानते हैं।
मध्यम वर्ग
'शून्य से बेहतर एक छोटी शुरुआत'
योजना के मुताबिक किसानों को हर साल 6,000 रूपए यानि हर महीने 500 रूपए मिलेंगे।
आलोचक का कहना है कि यह रकम बेहद कम है और इससे कर्ज से घिरे किसानों को कोई खास लाभ नहीं होने वाला।
लेकिन जैसा कि कहा जाता है कि शून्य से बेहतर एक छोटी शुरुआत होती है। इस योजना के समर्थक भी इसे इसी नजरिए से देख रहे हैंं।
इसे किसानों की बेहतरी की तरफ एक छोटे कदम की तरह माना जा रहा है।
राहुल गांधी
राहुल ने योजना को बताया किसानों की बेइज्जती
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कम राशि को आधार बनाते हुए सरकार पर हमला किया।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, 'प्रिय नरेंद्र मोदी, 5 साल की आपकी असफलता और अहंकार ने किसानों का जीवन बर्बाद कर दिया है। उन्हें 17 रूपए प्रतिदिन देना उनके काम और मूल्यों की बेइज्जती है।'
बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले राहुल खुद देश भर में किसानों को लुभाने के लिए कर्जमाफी और न्यूनतम आय की गारंटी जैसी घोषणाएं करते फिर रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
'17 रुपए प्रतिदिन की मदद किसानों की बेइज्जती'
Dear NoMo,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2019
5 years of your incompetence and arrogance has destroyed the lives of our farmers.
Giving them Rs. 17 a day is an insult to everything they stand and work for. #AakhriJumlaBudget
मुआवजा
मुआवजे की तरह है लाभ
योजना के तहत किसानों को मिलने वाली रकम उनको फसल बेचने से होने वाली आमदनी से अलग होगी।
इसे उनको सालभर होने वाले नुकसानों के मुआवजे के तौर पर देखा जा सकता है।
सरकार किसानों की आय बढ़ाने और अन्य समस्याओं को हल करने के लिए पहले से ही कदम उठा रही है।
कई फसलों पर सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य देना शुरु किया है।
इन योजनाओं के साथ यह राशि किसानों के लिए बेहद फायदेमंद सिद्ध हो सकती है।
तेलंगाना
राज्यों में सफल सिद्ध हुई हैं ऐसी योजनाएं
योजना के समर्थन में सबसे बड़ा तर्क ये है कि ऐसी ही योजनाएं कुछ राज्यों में पहले से चल रही हैं और वहां पर सफल सिद्ध हुई हैं।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण तेलंगाना सरकार की 'रायथू बंधु योजना' है। इस योजना ने मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव को नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों में जीतने में बेहद मदद की।
मोदी सरकार की योजना मेें रकम भले ही इस योजना के मुकाबले कम हो, लेकिन मंशा वही है।
दोगुना आमदनी
आमदनी दोगुना करने की तरफ शुरुआत
योजना को 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने के सरकार के लक्ष्य की तरफ शुरुआत के तौर भी देखा जा रहा है।
अभी देश में एक किसान परिवार की औसतन आमदनी 6,223 रूपए प्रति महीने है।
अगर सरकार उनकी आमदनी दोगुनी करने में सफल रहती है, जिसकी उम्मीद इस योजना के बाद की जा रही है, तो यह किसानों के जीवन में एक बड़ा परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।