
फिल्मों को टैक्स फ्री करने का क्या है गणित? जानें प्रकिया और फायदे
क्या है खबर?
11 मार्च को आई विवेक रंजन अग्निहोत्री की 'द कश्मीर फाइल्स' को कई राज्यों में टैक्स फ्री कर दिया गया है। फिल्म में अनुपम खेर लीड रोल में हैं।
फिल्म को मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री घोषित किया गया है।
अब आपके मन में फिल्मों को टैक्स फ्री करने को लेकर कई सवाल होंगे, जिसका जवाब जानने के लिए आगे पढ़िए।
मानदंड
क्या फिल्मों को टैक्स फ्री करने का कोई मानदंड है?
वर्तमान में किसी भी फिल्म को टैक्स फ्री करने का कोई निर्धारित मानदंड तय नहीं किया गया है।
कोई ऐसी नियमावली नहीं बनाई गई है, जिसके आधार कोई भी फिल्ममेकर अपनी फिल्म को टैक्स फ्री करवाने का दावा ठोक सके।
फिल्मों को ट्रैक्स फ्री करने का निर्णय राज्य सरकार खुद लेती है। सरकार अपने विवेक के आधार पर फैसला करती है। आमतौर पर उन फिल्मों को टैक्स में छूट दी जाती हैं, जो समाज पर सकारात्मक असर छोड़ती हैं।
टैक्स स्लैब
इन दो स्लैब में फिल्मों के टिकट पर लगते हैं टैक्स
GST लागू होने से पहले राज्य सरकार एंटरटेनमेंट टैक्स वसूलती थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने तय किया कि राज्यों में फिल्मों की टिकट पर 28 फीसदी GST लगेगा।
टैक्स से होने वाली कमाई का आधा हिस्सा राज्य और आधा हिस्सा केंद्र सरकार को मिलेगा।
दिसंबर, 2018 में फिल्मों के टिकट के लिए दो टैक्स स्लैब तय किए गए। इसमें 100 रुपये तक के टिकट पर 12 प्रतिशत और इससे अधिक के टिकट पर 18 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान है।
टैक्स फ्री
राज्य सरकार केवल अपने हिस्से का टैक्स करती है माफ
कोई भी फिल्म यदि किसी राज्य में टैक्स फ्री हो जाती है, इसका मतलब यह नहीं है कि उस फिल्म पर टैक्स नहीं लग रहा।
राज्य के पास केवल अपने हिस्से के 50 फीसदी टैक्स को माफ करने का अधिकार है। भले ही 'द कश्मीर फाइल्स' विभिन्न राज्यों में टैक्स फ्री हो गई, लेकिन उस पर केंद्र सरकार का 50 फीसदी टैक्स लग रहा है।
इसे स्टेट GST और सेंट्रल GST के रूप में बांटा गया है।
उदाहरण
एक उदाहरण से समझें टैक्स फ्री होने पर टिकट का गणित
मान लिया जाए कि उत्तर प्रदेश में किसी फिल्म की टिकट पर 18 फीसदी GST लिया जा रहा है।
यदि फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री किया जाता है, तो इसपर 9 फीसदी टैक्स लगेगा। यह टैक्स सेंट्रल GST होगा, जो केंद्र सरकार वसूलती है।
अगर टिकट का बेस प्राइस 400 रुपये का है, तो सभी टैक्स लगाकर टिकट का मूल्य 472 रुपये होगा। टैक्स फ्री होने पर टिकट 436 रुपये में मिलेंगे और दर्शकों के 36 रुपये बचेंगे।
प्रचलन
कब से चल रहा फिल्मों को टैक्स फ्री करने का चलन?
फिल्मों को टैक्स फ्री करने का प्रचलन बहुत पुराना है। राष्ट्रीय महत्व की फिल्मों को टैक्स फ्री किया जाता रहा है।
1960 में रिलीज हुई सत्येन बोस की 'मासूम' को टैक्स फ्री किया गया था, क्योंकि फिल्म बच्चों पर आधारित थी।
1964 में आई चेतन आनंद की 'हकीकत' को एंटरटेनमेंट टैक्स में छूट दी गई थी। यह फिल्म भारत-चीन युद्ध पर आधारित थी। मनोज कुमार की 1977 में आई फिल्म 'शिरडी के साईं बाबा' महाराष्ट्र में टैक्स फ्री हुई थी।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस (फैक्ट)
2016 में 'दंगल' और 'नीरजा' को कई राज्यों में टैक्स फ्री कर दिया गया था। 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' और 'छपाक' जैसी फिल्में भी टैक्स फ्री हुई हैं। हाल में रणवीर सिंह की फिल्म '83' दिल्ली में टैक्स फ्री हुई थी।