
इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ने शंकर महादेवन को किया सम्मानित, उस्ताद जाकिर हुसैन भी रहे मौजूद
क्या है खबर?
गायक शंकर महादेवन अपनी कला से भारतीय संगीत में चार चांद लगा चुके हैं। अपने संगीत और आवाज से वह एक से बढ़कर एक गाने भारतीय संगीत जगत को दे चुके हैं।
उनके कई गाने तो ऐसे हैं, जिनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता है। सिर्फ भारतीय संगीत जगत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय संगीत की दुनिया में भी उनका नाम सम्मान से लिया जाता है।
अब इंग्लैंड की एक शीर्ष यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद उपाधि दी है।
खबर
बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी ने दी मानद उपाधि
इंग्लैंड की बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी ने महादेवन को मानद उपाधि से सम्मानित किया। महादेवन के लिए इस उपाधि की घोषणा पिछले साल की गई थी।
23 जून को हुए एक कार्यक्रम में उन्हें यह उपाधि दी गई। इस कार्यक्रम में दिग्गज तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन और और मशहूर गिटारिस्ट जॉन मैकलॉघलिन भी मौजूद थे।
कार्यक्रम के बाद यूनिवर्सिटी के छात्रों ने महादेवन के खास गानों पर प्रस्तुति भी दी।
बयान
मुझे और खूबसूरत गाने बनाने होंगे- महादेवन
ANI से बातचीत में महादेवन ने अपनी खुशी जाहिर की।
उन्होंने कहा, "यह बहुत खास है। मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं। ये उन कामों का फल है, जो मैंने अब तक किए हैं। मैं बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी और उन सब लोगों का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने यह फैसला लिया। यह ऐसा मौका है, जो मुझे एहसास कराता है कि मुझे और मेहनत करने की जरूरत है, और खूबसूरत गाने बनाने की जरूरत है।"
प्रेरणा
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने महादेवन
उन्होंने कहा, "जब ऐसी उपाधि ऐसे कलाकार को मिलती है, जिसे आप प्रेरणा मानते हैं तो आपके पास भी पाने के लिए एक लक्ष्य होता है। एक युवा को लगता है कि उसकी आंखों के सामने उसके सपने पूरे हो रहे हैं। वो भी मेहनत करने लगते हैं और वो भी वहां पहुंचना चाहेंगे जहां मैं पहुंचा हूं।"
उन्होंने कहा, "मैं जॉन मैकलॉघलिन और उस्ताद जाकिर हुसैन को प्रेरणा मानता था। नई पीढ़ी के लिए उदाहरण बनना अच्छा लगता है।"
गाने
ये हैं महादेवन के लोकप्रिय गाने
महादेवन लोकप्रिय संगीतकार और गायक हैं। भारत में संगीत की दुनिया में शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी काफी मशहूर रही।
महादेवन कई भारतीय भाषाओं में यादगार गाने गा चुके हैं। वह बेस्ट प्लेबैक सिंगिंग के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं।
'अलबेला साजन', 'मां तुझे सलाम', 'मितवा', 'मस्तों का झुंड' उनके शानदार गायिकी के चुनिंदा नमूने हैं। वह 'कल हो न हो', 'बंटी और बबली', 'डॉन', 'तारे जमीन पर' जैसी फिल्मों के लिए संगीत बना चुके हैं।