
अभिनेता से निर्माता बनने जा रहे कुणाल कपूर, विंटर ओलंपियन शिव केशवन पर बनाएंगे फिल्म
क्या है खबर?
अभिनेता कुणाल कपूर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई बड़ी फिल्मों में काम किया। कोई शक नहीं कि कुणाल एक अच्छे अभिनेता हैं।
ये वही कुणाल हैं, जिन्हें फिल्म 'रंग दे बसंती' में देखा गया था और सराहा भी गया था। अब कुणाल एक बार फिर चर्चा में हैं और हों भी क्यों ना, वह एक्टर से प्रोड्यूसर जो बनने जा रहे हैं।
आइए जानते हैं अपने प्रोडक्शन के बैनर तले वह कौन सी फिल्म लेकर आ रहे हैं।
ख्वाहिश
कुणाल का फिल्ममेकिंग का सपना हुआ साकार
लंबे समय से कुणाल फिल्ममेकिंग में अपने हाथ आजमाने की तैयारी में थे और अब आखिकरार उन्होंने तय कर लिया है कि वह शिव केशवन के जीवन को पर्दे पर लेकर आएंगे और यह बतौर निर्माता उनकी पहली फिल्म होगी।
कुणाल ने जब असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करना शुरू किया था, तब से वह कहानियां लिख रहे हैं। वह उस समय से ही सपना देख रहे थे कि एक ना एक दिन वह फिल्ममेकर जरूर बन जाएंगे।
बयान
यह फिल्में बनाने के लिए सबसे सही समय है- कुणाल
कुणाल ने कहा, "यह एक कहानीकार बनने का सबसे सही समय है। जब मैंने करियर की शुरुआत की थी, तब एक खास तरह की ही फिल्में बनती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है।"
उन्होंने कहा, "अब दर्शक दुनियाभर से हर तरह का कॉन्टेंट देख रहे हैं और पसंद कर रहे हैं। वे हर नई कहानी और अलग तरह के सिनेमा को पसंद कर रहे हैं। यह अच्छी बात है कि ऐसी फिल्में बन रही हैं, जिनके मूल में हिन्दुस्तान है।"
कारण
प्रोड्यूसर क्यों बनना चाहते हैं कुणाल?
कुणाल ने कहा, "मैं जब असिस्टेंट डायरेक्टर था, तभी से कहानियां लिख रहा हूं। मैं अब उन कहानियों को ना सिर्फ एक्टर, बल्कि डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर सामने लाना चाहता हूं।"
उन्होंने कहा, "बतौर अभिनेता आपका फिल्म की कहानी पर ज्यादा बस नहीं चलता। आप किसी और के विजन का हिस्सा होते हैं, लेकिन एक प्रोड्यूसर के रूप में आपके पास अपने खुद के विजन को जीवंत करने का मौका होता है।"
निर्णय
कुणाल ने इसलिए किया शिव केशवन की बायोपिक बनाने का फैसला
शिव केशवन को 'फास्टेस्ट मैन ऑन आईस' भी कहा जाता है। उन्होंने 1998 से 2002 तक लगातार विंटर ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया।
कुणाल ने कहा, "शिव केशवन जबरदस्त एथलीट हैं। जो बात मुझे उनके बारे में सबसे खास लगी, वो ये कि ओलंपिक में उन्होंने लगातार छह बार देश का झंडा लहराया, लेकिन यह फिल्म सीमित संसाधनों में देश का मान बढ़ाने की भी बानगी है। यह हमारी संस्कृति और हमारी विविधताओं के जश्न की भी कहानी है।"
गौरव
ल्यूज खेल में देश का मान बढ़ा चुके हैं शिव केशवन
शिव केशवन 'ल्यूज'खेल में देश का नाम रोशन कर चुके हैं। ल्यूज एक बड़े स्लाइड की तरह है, जिस पर लेटकर एथलीट्स बर्फ के ट्रैक पर फिसलते हैं।
महज 14 साल की उम्र में शिव ने जूनियर नेशनल स्की चैंपियनशिव जीती थी।
15 साल की उम्र में वह ल्यूज कैम्प पहुंचे। उन्होंने 1998 में महज 16 साल की उम्र में विंटर ओलंपिक में हिस्सा लिया। वह ल्यूज में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले सबसे कम उम्र के एथलीट बने।