
UP Board Result: सरकारी स्कूलों के किसी भी छात्र ने मेरिट लिस्ट में नहीं बनाई जगह
क्या है खबर?
27 अप्रैल, 2019 को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है।
गौतम रघुवंशी ने 97.17 प्रतिशत के साथ हाईस्कूल परीक्षा को टॉप किया है। वहीं तनु तोमर ने UP बोर्ड 12वीं की परीक्षा में 97.83 प्रतिशत के साथ टॉप किया है।
इसके साथ ही सरकारी स्कूलों के एक भी छात्र ने UP बोर्ड की मेरिट लिस्ट में अपनी जगह नहीं बनाई है।
आइए जानें पूरी खबर।
सरकारी स्कूल
इतने छात्रों की मेरिट लिस्ट में नहीं है एक भी सरकारी स्कूल का छात्र
UP बोर्ड के रिजल्ट को देखकर कह सकते हैं कि सरकार द्वारा संचालित माध्यमिक विद्यालय निजी संस्थानों से पीछे हैं।
UP बोर्ड 10वीं की 21 टॉपर्स की मेरिट लिस्ट में सरकारी स्कूलों के एक भी छात्र का नाम शामिल नहीं है।
वहीं, UP बोर्ड 12वीं की 14 टॉपर्स की मेरिट लिस्ट में भी किसी सरकारी स्कूल के छात्र का नाम शामिल नहीं है।
10वीं में सरकारी स्कूल के छात्रों का पास प्रतिशत निजी संस्थानों के पास प्रतिशत से कम है।
पास प्रतिशत
कई स्कूलों में 20% से भी कम रहा रिजल्ट
10वीं में लगभग 140 और 12वीं में लगभग 250 स्कूलों में 20% से भी कम रिजल्ट दर्ज किए गए हैं।
जबकि 10वीं की लिस्ट में 50 सरकारी स्कूल, पांच एडेड स्कूल और 84 निजी संस्थान थे और 12वीं लिस्ट में 15 सरकारी स्कूल, 58 एडेड स्कूल और 176 निजी संस्थान शामिल थे।
10वीं में 2.35% सरकारी और 0.42% निजी स्कूलों ने और 12वीं में 2.32% सरकारी और 1.46% निजी संस्थानों ने 20% से कम रिजल्ट दर्ज किया है।
बयान
क्या कहा करियर काउंसलर डॉ अमृता दास ने
इसके अलावा 10वीं की परीक्षाओं में सरकारी स्कूल के छात्रों का पास प्रतिशत लगभग 78.16% और निजी संस्थान के छात्रों का पास प्रतिशत 82.05% था।
इसके साथ ही करियर काउंसलर डॉ अमृता दास ने कहा है कि सरकारी स्कूलों में छात्रों के निराशाजनक प्रदर्शन का प्रमुख कारण शिक्षण की खराब गुणवत्ता है।
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि यह शिक्षकों की नियुक्ति में खराबी के कारण है।
इन आंकड़ों को देखकर सरकारी स्कूलों की हालत खराब दिख रही है।