
JEE मेन: 300 में से 300 अंक लाने वाला टॉपर क्यों दोबारा देना चाहता है परीक्षा?
क्या है खबर?
कोई भी परीक्षा पास कर लेने के बाद हम अक्सर आगे की सोचने लग जाते हैं और समय होते हुए भी उस परीक्षा को दोबारा देने की बिल्कुल भी नहीं सोचते हैं।
लेकिन संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) मेन के पहले सत्र (जून) के राजस्थान टॉपर नव्य हिसारिया का कुछ अलग सोचना है।
इस परीक्षा में पूरे 300 अंक लाने वाले हिसारिया ने एक और बार पेपर देने का निर्णय किया है।
वजह
हिसारिया ने परीक्षा दोबारा देने की बताई ये वजह
हिसारिया के अनुसार, "मुझे इस परीक्षा में 300 में से 300 नंबर मिले। इसके बाद भी मैं एक और बार JEE मेन की प्रवेश परीक्षा देना चाहते हैं ताकि मेरा अभ्यास बेहतर तरीके से हो जाए।"
न्यूज 18 से उन्होंने कहा, "JEE मेन से उन्हें यह समझने में फायदा होता है कि निर्धारित समय में पेपर पूरा कैसे किया जाए। पेपर देने से आपको ये पता चल जाता है कि आपकी तैयारी कितनी है। ये प्रैक्टिस की तरह है।"
अंक
दूसरे सत्र की परीक्षा में कम अंक आने पर क्या होगा?
बता दें कि अगर हिसारिया के दूसरे सत्र में पूरे अंक नहीं भी आते तो भी उनका इससे कोई नुकसान नहीं होगा। उनके दोनों परीक्षाओं में से जिसमें ज्यादा अंक होगे, उसे मान्य माना जाएगा।
हिसारिया के कक्षा 10 में 97.40 प्रतिशत अंक आए थे।इसके साथ ही उन्होंने किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में अखिल भारतीय स्तर पर 13वीं रैंक हासिल की थी।
उनके पिता राकेश चंद्र हिसारिया व्यापारी और मां पूनम हिसारिया ग्रहणी हैं।
पढ़ाई
रोजाना करीब 14 घंटे पढ़ाई करते थे हिसारिया
हिसारिया बताते हैं कि वे रोजाना करीब 14 घंटे पढ़ाई करते थे। सुबह साढ़े पांच बजे से उनके दिन की शुरूआत होती थी और वे रात को 11 बजे तक पढ़ाई करते थे।
इस दौरान वो कोचिंग की पढ़ाई के अलावा खुद से भी घर आकर पढ़ाई करते थे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के सिलेबस और पिछले सालों के प्रश्न पत्रों को सॉल्व करने पर ज्यादा फोकस किया।
इंजीनियरिंग
IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं हिसारिया
हिसारिया के मुताबिक, उनका आगे का लक्ष्य JEE एडवांस पास कर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मुंबई में कंप्यूटर साइंस ब्रांच से इंजीनियरिंग यानी BTech करना है।
उन्होंने बताया कि उनकी मां ने पढ़ाई के लिए बहुत प्रेरणा दी। उनकी मां डेढ साल पहले ही उनके साथ अकेले रहने आ गई थीं, ताकि वे कोचिंग की पढ़ाई अच्छे से कर सकें।
इसी कारण उन्होंने हॉस्टल में नहीं रहकर किराए पर कमरा लिया था।
परीक्षा
7 लाख से अधिक छात्रों ने दी थी JEE मेन परीक्षा
JEE मेन के पहले सत्र की परीक्षा का आयोजन 24 से 29 जून के बीच हुआ था। यह परीक्षा देश-विदेश के 588 परीक्षा केन्द्रों और 407 परीक्षा शहरों में हुई जिसमें कुल 7,69,589 छात्रों ने हिस्सा लिया था।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुताबिक, इस परीक्षा में 14 छात्रों का स्कोर 100 पर्सेन्टाइल रहा।
अब दूसरे सत्र (जुलाई) की परीक्षा का आयोजन 21 से 30 जुलाई के बीच होना निर्धारित है।