
पेटीएम ने अपने ग्राहकों को किया सावधान, हो सकती है बड़ी धोखाधड़ी
क्या है खबर?
आज के इस डिजिटल युग में शॉपिंग से लेकर भुगतान तक सब कुछ डिजिटल तरीक़े से होने लगा है।
नोटबंदी के बाद से ही देश के ज़्यादातर लोग डिजिटल भुगतान करने के लिए पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
हाल ही में पेटीएम ने धोखाधड़ी से बचने के लिए अपने ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके लिए कंपनी ग्राहकों को अलर्ट मैसेज भेज रही है।
आइए जानें पेटीएम ने अपने ग्राहकों से क्या कहा।
सावधानी
KYC के लिए किसी दूसरे ऐप को डाउनलोड न करें
पेटीएम ने ग्राहकों को सावधान करते हुए कहा कि अकाउंट के सस्पेंड, ब्लॉक होने या फ़ेक ऑफ़र्स देने वाले कॉल और SMS फ़र्जी हो सकते हैं, इनसे बचें।
इसके अलावा पेटीएम ने कहा कि KYC के लिए किसी दूसरे ऐप को डाउनलोड न करें।
इसके साथ ही कंपनी ने ग्राहकों को अपनी निजी जानकारी या OTP को किसी के साथ शेयर न करने के लिए भी कहा है। इसकी वजह से भी कई लोग धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं।
ट्विटर पोस्ट
पेटीएम का ट्वीट कर ग्राहकों को चेताया
⚠️ CAUTION
— Paytm (@Paytm) November 20, 2019
❌ No KYC can be conducted by downloading any other app.
🔒 Beware of fraudulent SMS Calls about Account Block, Account Suspension or Fake Offers.
🔒 Never share your personal details like OTP, UPI Pin, CVV with others. pic.twitter.com/SrtZ5ORAff
ट्वीट
विजय शेखर शर्मा ने ट्वीट करके दी जानकारी
पेटीएम ने कहा कि अपने OTP, UPI Pin, CVV को किसी के साथ शेयर न करें।
इसके बारे में पेटीएम के CEO और फ़ाउंडर विजय शेखर शर्मा ने भी ट्वीट किया है कि कंपनी KYC सिर्फ़ ऑथराइज्ड KYC प्वाइंट्स या आपके घर पर लोगों को भेजकर करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे ग्राहकों का KYC अपने एजेंट के ज़रिए करवाते हैं, जो ग्राहकों के सामने KYC करते हैं। कंपनी ने KYC के लिए कई सेंटर्स भी बनाए हैं।
जानकारी
ऐप से ख़ुद भी कर सकते हैं मिनिमल KYC
इसके अलावा आप पेटीएम ऐप से भी मिनिमल KYC ख़ुद ही पूरा कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऐप में दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा और घर बैठे आसानी से आपका पेटीएम मिनिमल KYC पूरा हो जाएगा।
आंकड़े
वित्त वर्ष 2018-19 में हुए हैं 6,800 से अधिक बैंकिंग फ्रॉड
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेटीएम ने अपने ग्राहकों को सावधानी बरतने के लिए इसलिए कहा है कि वो फ्रॉड का शिकार होने से बच सकें।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल लेनदेन के चलते वित्त वर्ष 2018-19 में फ्रॉड के 6,800 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें कुल मिलाकर 71,500 करोड़ रुपये का बैंकिंग फ्रॉड हुआ है।
ऐसे में ग्राहकों को सावधानी बरतने की ज़्यादा ज़रूरत है।
जानकारी
पिछले 11 वित्त वर्ष में हुआ 2.05 लाख करोड़ रुपये का बैंकिंग फ्रॉड
अगर पिछले 11 वित्त वर्ष में हुए बैंक फ्रॉड की बात करें, तो इतने दिनों में कुल 53,334 बैंक फ्रॉड के मामले सामने आए हैं, जिनमें 2.05 लाख करोड़ रुपये का बैंकिंग फ्रॉड हुआ है।