
क्या पुरानी डीजल कार को EV में बदलना है समझदारी? यहां मिलेगी पूरी जानकारी
क्या है खबर?
दिसंबर, 2021 में दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि अगर 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन के साथ रेट्रोफिट करा लिया जाता तो उन्हें दिल्ली की सड़कों पर चलने की अनुमति मिल जाएगी।
सुनने में यह कदम बहुत राहत भरा लगता है लेकिन ऐसा कराना बजट के नजरिये से आसान नहीं है।
यहां हम बता रहे हैं कि पुरानी कार को इलेक्ट्रिक में बदलवाने के लिये किन चुनौतियों से गुजरना होगा?
जानकारी
क्या होता है रेट्रोफिटिंग?
रेट्रोफिटमेंट या रेट्रोफिटिंग का सामान्य संदर्भ पहले से मौजूद डिवाइस/वाहन में कुछ अतिरिक्त पार्ट्स को लगाने से है, जिससे उस वस्तु के प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सके।
कारों में इलेक्ट्रिक मोटर किट, CNG किट या PNG किट लगवाने की प्रक्रिया को भी रेट्रोफिटिंग ही कहा जाता है।
इलेक्ट्रिक किट रेट्रोफिट कर पुराने डीजल या पेट्रोल वाहनों को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहन में बदल दिया जाता है। इस प्रक्रिया में इंजन की जगह इलेक्ट्रिक मोटर लगाई जाती है।
बदलाव
इलेक्ट्रिक किट रेट्रोफिटिंग के लिये होता है पार्ट्स में बड़ा बदलाव
EV टेक्नोलॉजी फर्म अल्टिग्रीन के संस्थापक और CEO डॉ अमिताभ सरन के अनुसार पुराने वाहनों में इलेक्ट्रिक किट फिट कराना कोई आसान काम नहीं है।
इसके लिये आपको सबसे पहले ICE इंजन से जुड़ी हर चीज को हटाना होगा। इसमें इंजन, फ्यूल लाइन, फ्यूल टैंक, फिल्टर, AC यूनिट और भी बहुत कुछ शामिल है।
इन सब को हटाने के बाद आपके पास सिर्फ पहिए, ब्रेक्स, वाहन का केबिन और चेसिस ही बचता है। इनके अलावा सब कुछ बदला जाता है।
प्रक्रिया
RTO से लेनी होती है मान्यता
इंजन से जुड़ी सभी चीजों को हटाने के बाद एक इलेक्ट्रिक किट को लगाया जाता है। इसमें सबसे जरूरी वस्तु इलेक्ट्रिक मोटर होती है जो पहियों को गति देती है। इसके अलावा मोटर को चलाने के लिए एक कंट्रोलर, एक बहुत मजबूत तार, एक बैटरी पैक, एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और बहुत कुछ शामिल होता है।
सभी तरह के पार्ट्स लगाने और टेस्टिंग के बाद वाहन को RTO से रजिस्टर्ड कराया जाता है।
लागत
रेट्रोफिटिंग में कितना आता है खर्चा?
एक्सपर्ट के अनुसार, औसतन 1kW लिथियम-आयन बैटरी की कीमत लगभग 14,000 रुपये होती है।
एक पुरानी कार को रेट्रोफिटेड EV में कम से कम 250 किलोमीटर की रेंज प्राप्त करने के लिए लगभग 25kW से 30kW के बैटरी पैक की आवश्यकता होती है।
ऐसे में सिर्फ बैटरी पैक की कीमत ही कम से कम 3.50 लाख रुपये होगी। इसके अलावा AC यूनिट, इलेक्ट्रिक मोटर और अन्य पार्ट्स पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये का खर्चा अलग होता है।
हमारी राय
न्यूजबाइट्स प्लस
वाहन में रेट्रोफिटमेंट की लागत किट के प्रकार और सिंगल चार्ज रेंज पर आधारित होती है, लेकिन एक सामान्य छोटी कार में किट फिट कराने के लिए भी लगभग 3 से 4 लाख रुपये का खर्चा आता है।
ग्राहक के लिये ऐसे में एक नई EV खरीदने में ही समझदारी होगी। इसके अलावा नई कार के हर एक पार्ट पर लंबी वारंटी मिलेगी और कंपनी का भरोसा भी रहेगा।