
भारत में अपनी फैक्ट्रियां बंद करेगी फोर्ड, मैन्युफैक्चरिंग के लिए ओला से हो सकता है अनुबंध
क्या है खबर?
अमेरिकन कार निर्माता कंपनी फोर्ड भारत में अपना निर्माण कार्य बंद करने की योजना पर विचार कर रही है। यह कंपनी अपनी मरईमलई नगर (तमिलनाडु) और साणंद (गुजरात) स्थित फैक्ट्रियों को इस साल के अंत तक बंद कर सकती है।
इसी संदर्भ में अमेरिकन कार निर्माता कंपनी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री के लिए कई कार कंपनियों से संपर्क कर रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल फोर्ड इंडिया भारतीय कंपनी ओला के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक कार निर्मित कर सकती है।
कारण
मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का सही उपयोग ना हो पाने के कारण लिया निर्णय
वाहन निर्माण बाजार पिछले कुछ समय में तेजी से सिकुड़ा है, जिस वजह से कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का सही उपयोग नहीं हो पा रहा।
फोर्ड इंडिया के अनुसार कंपनी के लिए पिछले कुछ समय में वाहन निर्माण क्षमता का उपयोग करना काफी चुनौतीपूर्ण रहा है।
फोर्ड चेन्नई में सालाना दो लाख कार और 3.50 लाख इंजन, जबकि साणंद गुजरात में 2.4 लाख कार और 2.7 लाख इंजन उत्पादित करती है।
जानकारी
ओला के साथ हो सकता है फोर्ड इंडिया का अनुबंध
ताजा मिली जानकारी के अनुसार फोर्ड इंडिया भातर में अपनी फैक्ट्रियों के अनुंबंध हेतु कैब सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ओला से चर्चा कर रही है।
ओला इन फैक्ट्रियों का प्रयोग इलेक्ट्रिक कारों के उत्पादन में कर सकती है।
आपको बता दें कि ओला इंडिया ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षेत्र में कदम रखा है। फिलहाल ओला कंपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर का निर्माण कर रही है, लेकिन जल्दी ही ओला इंडिया अपनी इलेक्ट्रिक कार को लॉन्च करने की घोषणा भी कर सकती है।
जानकारी
भारत में अपनी पूंजी आवंटन का आंकलन कर रही है फोर्ड इंडिया
फोर्ड इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "हम संभावनाओं पर कुछ नहीं कहना चाहते, हम भारत में अपनी पूंजी आवंटन का आंकलन कर रहे हैं, इस साल की दूसरी छमाही में जवाब दिया जाएगा।" इस पर ओला इंडिया ने कोई बयान देने से इंकार कर दिया।
अन्य अनुबंध
महिंद्रा के साथ हो चुका है फोर्ड इंडिया का अनुबंध
इससे पहले फोर्ड इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बीच भी मैन्युफैक्चरिंग अनुबंध हो चुका है।
इसके अनुसार महिंद्रा मरईमलाई नगर और साणंद स्थित फैक्ट्रियों में सालाना उत्पादित 4,00,000 इकाइयों का ध्यान रखना था।
2021 के शुरुआत में ही दोनों कंपनियों ने अनुबंध समाप्ति का ऐलान किया था।
महिंद्रा के बाद फोर्ड ने MG, चागन और ग्रेट वाल कंपनियों से अनुबंधों को लेकर चर्चा की थी, पर भारत और चीन सीमा पर तनाव के चलते बात नहीं बन पाई।
जानकारी
भारत में फोर्ड इंडिया की अभी तक की सबसे खराब स्थिति
अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी फोर्ड इस समय भारत में अपनी सबसे खराब स्थिति से गुजर रही है। कंपनी की कार बिक्री में हिस्सेदारी 3 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत हो गई है। 2021 में फोर्ड की मात्र 2,800 कारें ही बिकी थीं।