
कितनी भीषण है ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग? 50 करोड़ पशु-पक्षी जलकर मरे
क्या है खबर?
ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग इस समय पूरी दुनिया में सुर्खियों में बनी हुई है।
सितंबर में शुरू हुई इस आग को पिछले साल कैलिफॉर्निया और अमेजन के जंगलों में लगी से भी भीषण बताया जा रहा है।
इस आग में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 500 घर जलकर खाक हो गए हैं।
सबसे अधिक प्रभाव पशु-पक्षियों पर पड़ा है और करीब 50 करोड़ पशु-पक्षी इसमें जलकर मर गए हैं।
जंगल में आग
हर साल होती हैं ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में आग लगने की घटनाएं
ऑस्ट्रेलिया में लगभग हर साल जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं और इसे "बुशफायर सीजन" के तौर पर जाना जाता है।
लेकिन इस साल आग न केवल बुशफायर सीजन से पहले शुरू हो गई बल्कि पिछले सालों के मुकाबले अधिक भीषण भी है।
आग से पूरे ऑस्ट्रेलिया का तापमान लगभग 2-2.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है और आसमान में धुंध छाई हुई है। सिडनी की हवा दिसंबर के मुकाबले 11 गुना ज्यादा "खतरनाक" है।
जानकारी
आग से 80 लाख हेक्टेयर जमीन नष्ट
सितंबर में शुरू हुए ये आग अभी ऑस्ट्रेलिया के छह राज्यों में फैल चुकी है और इसके प्रभाव में आकर लगभग 80 लाख हेक्टेयर जमीन नष्ट हो चुकी है। 24 लोगों के मरने के अलावा 28 लोग लापता भी हैं।
प्रभाव
जान बचाने के लिए शहर की तरफ भाग रहे कंगारू
आग का सबसे अधिक प्रभाव पशु-पक्षियों की प्रजातियों पर पड़ा है और लगभग 50 करोड़ पशु-पक्षी इसमें जलकर मर चुके हैं या बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित कोआला (जानवरों की एक प्रजाति) की आबादी आग लगने के बाद घटकर आधी रह गई है।
आग में 4,000 से अधिक मवेशी भी मारे गए हैं और राष्ट्रीय पशु कंगारू जान बचाने के लिए जंगलों की तरफ भाग रहे हैं।
धुंध
न्यूजीलैंड पर भी आग का असर
आग इतनी भीषण है कि इसका असर 2,000 किलोमीटर दूर पड़ोसी देश न्यूजीलैंड पर भी देखने को मिल रहा है।
आग से निकले धुएं की वजह से न्यूजीलैंड के के ऑकलैंड, हैमिल्टन, वार्कवर्थ और काईकोहे शहर में अंधेरा छाया हुआ है।
इन शहरों में आसमान का रंग दिन में तीन-चार बदलता है और कभी नारंगी हो जाता है तो कभी घने भूरे रंग का तो कभी हल्के काले रंग का।
राहत और बचाव कार्य
प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने दिए दो अरब ऑस्ट्रेलियन डॉलर
करीब 2,700 फायर कर्मी आग बुझाने के कार्य में लगे हुए हैं। इस दौरान तीन कर्मियों की मौत की खबर भी सामने आ रही है।
अमेरिका और कनाडा ने स्थानीय प्रशासन की मदद करने के लिए अपने फायर कर्मियों को ऑस्ट्रेलिया भेजा है। स्थानीय प्रशासन लोगों को बचाने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगा हुआ है।
देश के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने राहत और बचाव कार्य के लिए दो अरब ऑस्ट्रेलियन डॉलर दिए हैं।
मौसम पर असर
दुनिया पर क्या असर डालेगी ऑस्ट्रेलिया की आग?
ऑस्ट्रेलिया की आग भले ही अन्य देशों में आम जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित न करें लेकिन ये मौसम को प्रभावित कर सकती है।
मौसम विज्ञानी मार्शल शैफर्ड के अनुसार, इस आग के वैश्विक मौसम को प्रभावित करने की संभावना चौंकाने वाली नहीं है क्योंकि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और जमीन के उपयोग में बदलाव जैसी इंसानी गतिविधियां हाल ही में प्राकृतिक जलवायु के कारकों पर हावी हो गई हैं।