
ट्रंप ने अमेरिकी संसद पर समर्थकों के हमले की निंदा की, बोले- लोकतंत्र को अपवित्र किया
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो जारी कर अमेरिकी संसद में अपने समर्थकों की हिंसा की निंदा की है और कहा कि संसद पर धावा बोलने वाले लोग अमेरिका का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा कि संसद में हिंसा करने वाले घुसपैठियों ने अमेरिकी लोकतंत्र को अपवित्र किया है और उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। अपने वीडियो में उन्होंने निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को सत्ता सौंपने की तैयारी करने की बात भी कही।
वीडियो
ट्रंप बोले- संसद में हुए हमले से गुस्से में
ट्विटर का 12 घंटे का बैन हटने के बाद प्लेटफॉर्म पर डाले गए अपने पहले वीडियो में ट्रंप ने कहा, "मैं अमेरिकी संसद पर हुए घृणित हमले से शुरूआत करना चाहता हूं। बाकी अमेरिकियों की तरह मैं भी अमेरिकी संसद में हुई हिंसा और अराजकता से ग़ुस्से में हूं। मैंने इमारत की सुरक्षा करने और घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए तुरंत नेशनल गार्ड और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी थी।"
बयान
अमेरिका कानून-व्यवस्था वाला देश- ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा, "अमेरिका एक कानून-व्यवस्था वाला देश है और इसे हमेशा ऐसा बना रहना चाहिए। संसद में घुसपैठ करने वाले प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी लोकतंत्र को अपवित्र किया है। जो लोग हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल थे, आप हमारे देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं और जिन्होंने कानून तोड़ा है, उनको इसकी क़ीमत चुकानी प़ड़ेगी।"
उन्होंने कहा, "अभी कड़े चुनाव समाप्त हुए हैं और भावनाएं उफान पर हैं। लेकिन अब मनोभावों को शांत किया जाना चाहिए।"
सुधार
ट्रंप बोले- चुनावी कानूनों में सुधार की जरूरत
ट्रंप ने चुनावी प्रक्रिया पर कहा, "मेरे चुनावी अभियान ने चुनावी नतीजों को चुनौती देने के लिए हर कानूनी माध्यम का सहारा लिया। मेरा लक्ष्य केवल चुनावों की अखंडता सुनिश्चित करना था। ऐसा करके मैं अमेरिकी लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहा था। मेरा लगातार यह मानना है कि हमें सभी मतदाताओं की पहचान और वैधता की जांच के लिए हमारे चुनावी कानूनों में सुधार की ज़रूरत है ताकि भविष्य के सभी चुनावों पर भरोसा और विश्वास हो सके"
वादा
ट्रंप ने किया व्यवस्थित सत्ता के हस्तांतरण का वादा
सस्ता के हस्तांतरण पर ट्रंप ने कहा, "कांग्रेस ने नतीजों को सर्टिफाई कर दिया है। नया प्रशासन 20 जनवरी को आ जाएगा। मैं ध्यान अब व्यवस्थित और बिना किसी बाधा के सत्ता का हस्तांतरण सुनिश्चित करना है। ये समय घावों को भरने और सुलह करने का है।"
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, "हमारे देश के नागरिकों, आपने राष्ट्रपित के तौर पर सेवा देना मेरे जीवन का सर्वोच्च सम्मान है... मेरे समर्थकों हमारा सफर बस शुरू हो रहा है।"
मांग
उठ रही है ट्रंप को पद से हटाने की मांग
ट्रंप का ये बयान ऐसे समय पर आया है जब संसद पर उनके समर्थकों के हमले के बाद चारों तरफ से उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग उठ रही है। अमेरिकी मीडिया से लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी तक के नेताओं ने उपराष्ट्रपति माइक पेंस से संविधान के 25वें संशोधन का प्रयोग कर ट्रंप को पद से हटाने को कहा है।
इसके अलावा ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारियों ने भी हिंसा के विरोध में इस्तीफा दे दिया है।
पृष्ठभूमि
क्या है अमेरिकी संसद पर हमले का पूरा मामला?
ट्रंप के उकसाने के बाद उनके समर्थकों ने हजारों की संख्या में बुधवार को अमेरिकी संसद पर धावा बोल दिया था और सभी सुरक्षा घेरों को तोड़ते हुए संसद भवन के अंदर दाखिल हो गए थे। संसद के अंदर उन्होंने जमकर उत्पाद मचाया और सांसदों के कार्यालयों में तोड़फोड़ की।
जिस समय ये हमला हुआ, बाइडन की जीत पर मुहर लगाने के लिए संसद का संयुक्त सत्र चल रहा था और हमले के कारण इसे रोकना पड़ा।