
शतरंज: क्या डी गुकेश के खिलाफ जानबूझकर हारे डिंग लिरेन? चीनी ग्रैंडमास्टर पर लगा गंभीर आरोप
क्या है खबर?
बीते गुरुवार (12 दिसंबर) को शंतरज में भारत के लिए ऐतिहासिक दिन रहा।
दरअसल, भारत के 18 वर्षीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बने।
उन्होंने सिंगापुर में आयोजित FIDE विश्व शतरंज चैंपियनशिप के निर्णायक गेम में चीन के डिंग लिरेन को हराकर यह उपलब्धि हासिल की।
अब लिरेन पर भारतीय ग्रैंडमास्टर के खिलाफ जानबूझकर हारने का गंभीर आरोप लगा है।
आइए इस खबर पर एक नजर डालते हैं।
आरोप
निर्णायक गेम में लिरेन की हरकतें बेहद संदिग्ध रहीं- आंद्रेई फिलाटोव
रूस के शतरंज महासंघ के अध्यक्ष आंद्रेई फिलाटोव ने लिरेन पर जानबूझकर हारने का आरोप लगाया।
रूसी समाचार एजेंसी TASS ने फिलाटोव के हवाले से कहा कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) को इसकी जांच शुरू करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "पिछले गेम के परिणाम ने पेशेवरों और शतरंज प्रशंसकों के बीच घबराहट पैदा कर दी है। निर्णायक गेम में चीनी शतरंज खिलाड़ी की हरकतें बेहद संदिग्ध हैं और FIDE द्वारा एक अलग जांच की आवश्यकता है।"
बयान
गुकेश के खिलाफ जानबूझकर हारे हैं लिरेन- फिलाटोव
फिलाटोव का मानना है कि लिरेन ने मुकाबले में अच्छी स्थिति के बावजूद गलती करके मैच गंवाया है।
उन्होंने चीनी ग्रैंडमास्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगे कहा, "डिंग लिरेन जिस स्थिति में थे, उसे खोना प्रथम श्रेणी के खिलाड़ी के लिए भी मुश्किल है। आज के खेल में चीनी शतरंज खिलाड़ी की हार कई सवाल खड़े करती है और ऐसा लगता है कि यह जानबूझकर किया गया है।"
इतिहास
सबसे युवा विश्व चैंपियन बने गुकेश
गुकेश ने 18 साल 8 महीने और 14 दिन की उम्र में खिताब जीतकर इतिहास रचा है। उन्होंने रूस के ग्रैंडमास्टर गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 22 साल 6 महीने और 27 दिन की उम्र में खिताब जीता था।
गुकेश 12 साल 7 महीने और 17 दिन में भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने थे।
हालांकि, उस दौरान वह दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बनने के मामले में केवल 17 दिनों से चूक गए थे।
जानकारी
विश्व चैंपियन बनने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय ग्रैंडमास्टर बने गुकेश
गुकेश विश्व चैंपियन बनने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय ग्रैंडमास्टर बने हैं। उनसे पहले विश्वनाथन आनंद ने अपना आखिरी खिताब 2013 में जीता था।