
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने छठी बार जीता विश्व कप का खिताब, आंकड़ों में जानिए प्रदर्शन
क्या है खबर?
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने अपना वर्चस्व बरकरार रखते हुए वनडे विश्व कप का छठा खिताब जीता।
फाइनल मैच में भारतीय क्रिकेट टीम जैसी मजबूत प्रतिद्वंदी को कंगारू टीम ने 6 विकेट से शिकस्त दी।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने जीत के लिए मिले 241 रन के लक्ष्य को ट्रेविस हेड के शतक (137) की मदद से हासिल किया।
आइए ऑस्ट्रेलिया के इस सफल अभियान को आंकड़ों के जरिए समझते हैं।
लीग स्टेज
शुरुआती 2 हार के बाद लीग स्टेज में जीते लगातार 7 मैच
ऑस्ट्रेलिया की टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर रही। उन्होंने लीग स्टेज में 7 मैच जीते और 2 मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
ऑस्ट्रेलिया को हार सिर्फ भारतीय क्रिकेट टीम और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली।
इसके बाद तो ऑस्ट्रेलिया कमाल के फॉर्म में आई और लगातार 7 मैच जीत लिए।
कंगारू टीम के लीग स्टेज के बाद 14 अंक रहे और उनका नेट रन रेट +0.841 का रहा।
सेमीफाइनल
सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका की चुनौती को किया पार
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम को 3 विकेट से हराया।
ईडन गार्डन स्टेडियम में खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की, जिसके चलते प्रोटियाज टीम महज 212 रन पर ही सिमट गई।
जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 47.2 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य को हासिल किया। इस जीत में हेड ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने 48 गेंदों में 62 रन की पारी खेली।
बल्लेबाजी
ऑस्ट्रेलिया के 4 बल्लेबाजों ने लगाए शतक
ऑस्ट्रेलिया से डेविड वार्नर, मिचेल मार्श, ग्लेन मैक्सवेल और हेड ने शतक बनाए। वार्नर ने 48.63 की औसत और 108.29 की स्ट्राइक रेट से 535 रन बनाए, जिसमें 2 शतक शामिल रहे।
मार्श ने 10 पारियों में 107.56 की स्ट्राइक रेट से 441 रन बनाए। उन्होंने 2 शतक और 1 अर्धशतक लगाया।
मैक्सवेल ने 9 पारियों में 150.37 की स्ट्राइक रेट से 400 रन बनाए।
हेड ने 6 पारियों में 127.51 की स्ट्राइक रेट से 329 रन (शतक- 2) बनाए।
जानकारी
मैक्सवेल ने खेली ऐतिहासिक पारी
मैक्सवेल विश्व कप के दौरान वनडे क्रिकेट के इतिहास में दोहरा शतक लगाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई बने। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 201 रन की पारी खेली। वह लक्ष्य का पीछा करते हुए दोहरा शतक लगाने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज भी बने।
गेंदबाजी
जैम्पा ने किया सराहनीय प्रदर्शन
ऑस्ट्रेलिया की इस सफलता में एडम जैम्पा का अहम योगदान रहा। इस लेग ब्रेक गेंदबाज ने सभी 11 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 22.39 की औसत और 5.36 की इकॉनमी रेट के साथ 23 विकेट लिए।
वह सिर्फ मोहम्मद शमी (24) के बाद दूसरे सर्वाधिक विकेट वाले गेंदबाज रहे।
जैम्पा एक संस्करण में सर्वाधिक विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज भी बने। उन्होंने पूर्व महान गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन की बराबरी की, जिन्होंने 2003 में कुल 23 विकेट लिए थे।
अन्य गेंदबाज
ऑस्ट्रेलिया के अन्य गेंदबाजों का प्रदर्शन
जोश हेजलवुड ने 11 मैचों में 28.06 की औसत और 4.81 की इकॉनमी रेट से कुल 16 विकेट अपने नाम किए।
अनुभवी मिचेल स्टार्क ने अपने 10 मैचों में 33.00 की औसत और 6.06 की इकॉनमी रेट से 16 ही विकेट चटकाए। उन्होंने फाइनल में भारत के खिलाफ 3 विकेट भी चटकाए।
कप्तान पैट कमिंस ने 11 मैचों में 34.33 की औसत और 5.75 की इकॉनमी रेट से 15 विकेट लिए।
खिताब
रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीता ऑस्ट्रेलिया
यह ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड छठा विश्व कप का खिताब है। इससे पहले कंगारू टीम 1987, 1999, 2003, 2007 और 2015 में विश्व विजेता रह चुकी है।
ऑस्ट्रेलिया 50 ओवर प्रारूप में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली टीम है। उनके बाद भारत और वेस्टइंडीज ने 2-2 बार विश्व कप जीता है।
कैरेबियाई टीम 1975 और 1979 में विश्व विजेता बनी थी, जबकि भारतीय टीम 1983 और 2011 में खिताब अपने नाम कर चुकी है।