
चंद्रमा पर चौथी बार आज के दिन उतरा था इंसान, जानें कैसा था नासा का मिशन
क्या है खबर?
अंतरिक्ष के क्षेत्र में अध्ययन के लिए आज (31 जुलाई) का दिन इतिहास में काफी विशेष रहा है, क्योंकि आज ही के दिन इंसान चौथी बार चंद्रमा पर उतरा था।
अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अपोलो 15 मिशन अमेरिकी अपोलो कार्यक्रम का चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा मिशन था।
यह अमेरिका के अपोलो प्रोग्राम का नौवां क्रू मिशन था, जिसे 26 जुलाई, 1971 को लॉन्च किया गया था और यह 7 अगस्त, 1971 को समाप्त हुआ था।
मिशन
मिशन में पहली बार इस्तेमाल हुआ था लूनर रोविंग व्हीकल
अपोलो 15 मिशन नासा का ऐसा पहला मिशन था, जिसमें लूनर रोविंग व्हीकल का इस्तेमाल किया गया था। लूनर रोविंग व्हीकल ने 30 जुलाई से 2 अगस्त, 1971 के बीच चंद्रमा पर अपनी महत्वपूर्ण यात्रा की थी।
इस मिशन के क्रू में डेविस आर स्कॉट (कमांडर), जेम्स बी इरविन (लूनर मॉड्यूल पायलट), अल्फ्रेड एम वर्डेन (कमांड मॉड्यूल पायलट) शामिल थे।
31 जुलाई को स्कॉट और इरविन ने चंद्रमा पर लूनर रोविंग व्हीकल की सवारी की थी।
समय
चंद्रमा की सतह पर बिताए इतने घंटे
अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा पर उतरने के बाद सतह पर लगभग साढे 18 घंटे बिताए और सतह के बारे में जानकारी हासिल की।
मिशन के कमांडरों ने आगे के शोध और जांच के लिए चंद्रमा की सतह से लगभग 34 किलोग्राम सतह सामग्री को भी इकट्ठा किया था।
इस मिशन का उद्देश्य हैडली-एपेनिन क्षेत्र का पता लगाना, चंद्र सतह वैज्ञानिक प्रयोगों को स्थापित करना और सक्रिय करना, नए अपोलो उपकरणों का इंजीनियरिंग मूल्यांकन करना था।