
गूगल आपकी प्राइवेट जानकारी इंटरनेट पर मिलते ही भेजेगी नोटिफिकेशन, ऐसे काम करता है फीचर
क्या है खबर?
गूगल के सर्च रिजल्ट से यूजर्स से जुड़ी जानकारी को खोजना और हटाना अब और आसान होगा।
अब वेब पर यूजर्स का पता, फोन नंबर या ईमेल मिलने पर गूगल उन्हें नोटकिफिकेशन भेजेगी।
इससे यूजर्स अपनी जानकारी को जांच सकेंगे और सर्च से उसे हटाने का अनुरोध कर सकेंगे।
यह सब मोबाइल और वेब पर गूगल के "रिजल्ट अबाउट यू" डैशबोर्ड से होता है।
अपडेट के बाद यूजर अब बिना सर्च किए भी गूगल पर मौजूद अपनी जानकारी पा सकेंगे।
फीचर
गूगल अपने आप खोज लेगी जानकारी
इस नए फीचर के जरिए यूजर्स अपना डाटा इनपुट कर सकते हैं और गूगल ऑटोमैटिक तरीके से उन सभी वेबसाइटों को खोज लेगा, जिनमें इनपुट किया गया डाटा होगा। यह एक बड़ा अपग्रेड है।
अभी तक यूजर्स को अपनी जानकारी मैन्युअल रूप से खोजनी पड़ती थी और उसे हटाने का अनुरोध करना पड़ता था।
इस नए फीचर के लिए यूजर पुश नोटिफिकेशन एक्टिव कर सकते हैं जो नया रिजल्ट मिलने पर यूजर को नोटिफिकेशन भेजकर अलर्ट कर देगा।
प्रक्रिया
ये है फीचर को एक्टिव करने का तरीका
इस फीचर को एक्टिव करने के लिए गूगल पर "माय अकाउंट" पेज पर जाएं और "प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी" टैब पर क्लिक करें।
अब "पर्सनल इंफो" सेक्शन में जाकर "गेट अलर्ट अबाउट योर प्राइवेट कांटैक्ट इंफो अपीयरिंग ऑनलाइन" को एनेबल कर दें।
यह नया फीचर पर्सनल जानकारी को खोजने और हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाता है।
अभी यह सुविधा अमेरिका में अंग्रेजी में उपलब्ध है। कंपनी जल्द ही इसे अन्य देशों और भाषाओं में पेश करेगी।
गूगल
डाटा हटाने के रिक्वेस्ट को भी ट्रैक कर सकते हैं यूजर्स
गूगल ने इस फीचर को पिछले वर्ष 2022 में पहली बार सितंबर में पेश किया था। अब कंपनी ने इसे अपडेट किया है, जिससे यह कई कार्य ऑटोमैटिक तरीके से करने में सक्षम है।
नए फीचर में यूजर गूगल हब के जरिए अपना डाटा हटाने के रिक्वेस्ट को ट्रैक भी कर सकते हैं।
गूगल के इस फीचर की कुछ सीमाएं भी। जैसे यह फीचर सरकारी या शैक्षणिक संस्थानों के रिजल्ट के लिए उपलब्ध नहीं है।
सीमा
वेब से पूरी तरह नहीं मिटेगा डाटा
ध्यान रखें कि गूगल से जानकारी हटाने से आपका डाटा वेब से पूरी तरह नहीं मिटेगा। जिस वेबपेज पर आपने जानकारी दी होगी वहां से हैकर्स डाटा निकाल सकते हैं। हालांकि, डाॉक्सिंग के शिकार लोगों के लिए यह फीचर कुछ हद तक उपयोगी हो सकता है।
डॉक्सिंग को साइबर बुलिंग का एक रूप मान सकते हैं। इंटरनेट पर मौजूद किसी की जानकारी को चुराकर उस शख्स से संपर्क करने, उनकी लोकेशन ट्रैक करने जैसे अवैध काम को डॉक्सिंग कहते हैं।