
अपने कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स अपडेट करेगी फेसबुक, इसलिए करना पड़ा बदलाव
क्या है खबर?
सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने बताया है कि जल्द इसके कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स में बदलाव किया जाएगा।
इन बदलावों के साथ फेसबुक बताएगी कि यह व्यंग्य या सटायर से जुड़े कंटेंट को किस तरह हैंडल करती है।
दरअसल, फेसबुक कंटेंट मॉनीटर करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग से जुड़े टूल्स इस्तेमाल करती है।
ये टूल्स अक्सर फेक न्यूज, झूठ और व्यंग्य में फर्क नहीं कर पाते और गलत पोस्ट हटा दी जाती हैं।
ब्लॉग
फेसबुक ने ब्लॉग पोस्ट में दी जानकारी
सोशल मीडिया कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में बदलाव की जानकारी दी है।
फेसबुक ने लिखा, "हम अपने कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स में नई जानकारी शामिल करेंगे, जिससे यह बात साफ हो सके कि व्यंग्य को हम अपने कंटेंट-स्पेसिफिक डिसीजंस में किस तरह समझते हैं।'
कंपनी की कोशिश है कि यूजर्स को बेहतर समझाया जा सके कि टीम हेट स्पीच से जुड़े उल्लंघन की स्थिति में इस तरह के कंटेंट को अलग कैसे रखा जाएगा।
वजह
कंपनी ने इसलिए किए बदलाव
The Verge की ओर से कन्फर्म किया गया है कि कंपनी का यह फैसला ओवरसाइट बोर्ड की ओर से दिए गए रेकमेंडेशंस के बाद लिया गया है।
बोर्ड ने फेसबुक की ओर से तुर्की सरकार से जुड़े एक पोस्ट पर लिए गए फैसले के बारे में बताया कि यूजर का कॉमेंट हटाने को लेकर फेसबुक गलत थी।
सोशल मीडिया कंपनी ने यूजर की पोस्ट को 'क्रूर और असंवेदनशील कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स' बताते हुए हटा दिया था।
अंतर
व्यंग्य और झूठ में अंतर समझने की जरूरत
फेसबुक ने बोर्ड को बताया था कि पोस्ट को 'हेट स्पीच कम्युनिटी स्टैंडर्ड' के हिसाब से हटाया गया है।
ओवरसाइट बोर्ड ने इस बात पर जोर दिया कि फेसबुक का कहना है कि वह व्यंग्य से जुड़ी पोस्ट्स और कॉमेंट्स को अपवाद मानती है और उन्हें हटाया नहीं जाता।
प्लेटफॉर्म अक्सर झूठी जानकारी और व्यंग्य में अंतर नहीं कर पाता और कई बार मजाकिया पोस्ट को भी हटा दिया जाता है।
सुधार
व्यंग्य के लिए आएंगी नई गाइडलाइंस
सोशल मीडिया कंपनी ने अपनी गलती मानते हुए कहा है कि कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स में किए जाने वाले बदलाव अब स्थिति स्पष्ट कर देंगे।
यूजर्स चाहें तो अपनी कोई पोस्ट हटाए जाने पर अपील कर सकते हैं और उनके रिव्यू की मांग कर सकते हैं।
इस तरह कंपनी लिखे गए पोस्ट के पीछे का संदर्भ समझने की कोशिश करेगी, जिससे मजाकिया या व्यंग्य से जुड़ी पोस्ट को गलती से हटाया ना जाए।
लेबल
तथ्य और मजाक में फर्क समझाएगी फेसबुक
इसके अलावा फेसबुक अपने यूजर्स को मजाक और तथ्यों के बीच फर्क समझाना चाहती है।
फेसबुक की कोशिश है कि प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले पोस्ट्स को लेकर यूजर्स में भ्रम की स्थिति ना बने।
ऐसा करने के लिए कंपनी न्यूज फीड में दिखने वाले पोस्ट्स के साथ छोटे लेबल्स दिखाने से जुड़ा फीचर टेस्ट कर रही है।
पेजेस की ओर से किए जाने वाले पोस्ट्स के साथ 'पब्लिक ऑफीशियल', 'फैन पेज' या 'व्यंग्य पेज' जैसे लेबल्स दिखाए जाएंगे।