
नेपच्यून ग्रह पर पहली बार दिखा ऑरोरा, नासा के टेलीस्कोप से हुई यह बड़ी खोज
क्या है खबर?
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने पहली बार नेपच्यून पर ऑरोरा देखा है।
यह खोज नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की मदद से हुई, जिसने 2023 में नेपच्यून के वातावरण में इन्फ्रारेड रोशनी दर्ज की।
अन्य ग्रहों की तरह, यह ऑरोरा ऊर्जावान कणों की टक्कर से बनता है, लेकिन यह ध्रुवों पर नहीं बल्कि मध्य अक्षांशों पर नजर आया। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण नेपच्यून का झुका हुआ चुंबकीय क्षेत्र है, जो ग्रह की धुरी से 47 डिग्री झुका हुआ है।
सवाल
नेपच्यून के तापमान को लेकर खड़ा हुआ सवाल
वर्ष 1989 में वोएजर 2 मिशन ने नेपच्यून के ऊपरी वायुमंडल का तापमान 900°F दर्ज किया था, लेकिन वेब टेलीस्कोप के हालिया अवलोकनों में यह तापमान 200°F तक गिरा हुआ मिला।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इसी कारण नेपच्यून का ऑरोरा अब तक नहीं दिखा था। नई खोज ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर नेपच्यून इतना ठंडा कैसे हो गया?
ग्रह के तापमान में इतनी बड़ी गिरावट का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
सुराग
ऑरोरा से मिलेगा नेपच्यून के चुंबकीय क्षेत्र का सुराग
वैज्ञानिकों के अनुसार, नेपच्यून का ऑरोरा ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र के रहस्यों को उजागर करने में मदद करेगा।
यह चुंबकीय क्षेत्र बेहद जटिल है और ग्रह के अंदर होने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी दे सकता है। वैज्ञानिकों ने इसकी तुलना एक टीवी स्क्रीन से की, जो ग्रह के भीतर हो रही हलचल को दिखाती है।
खगोलविद अब नेपच्यून के वातावरण और चुंबकीय क्षेत्र पर अधिक गहराई से अध्ययन करेंगे, जिससे इस ठंडे ग्रह की नई जानकारियां सामने आ सकती हैं।