
भजनलाल शर्मा होंगे राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री, भाजपा ने फिर सबको चौंकाया
क्या है खबर?
भजनलाल शर्मा राजस्थान के नए मुख्यमंत्री होंगे। चुनाव परिणामों के बाद एक हफ्ते से अधिक समय तक चली उठापटक के बाद भाजपा ने आज उनके नाम पर मुहर लगाई।
जयुपर में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े की निगरानी में हुई विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के रूप में शर्मा के नाम का ऐलान किया गया।
दीया सिंह और प्रेमचंद बैरवा उपमुख्यमंत्री होंगे।
कई दिग्गज
शर्मा ने कई दिग्गजों को मुख्यमंत्री की रेस में पछाड़ा
भजनलाल शर्मा से पहले मुख्यमंत्री पद की रेस में कई दिग्गजों का नाम चर्चाओं में चल रहा था।
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, दीया कुमारी और महंत बालकनाथ का नाम शामिल था।
इसके अलावा दलित समुदाय से आने वाले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अनिता भदेल का नाम भी चल रहा था।
अंत में शर्मा को चुनकर भाजपा ने सबको चौंका दिया।
कौन हैं
वसुंधरा ने रखा शर्मा के नाम का प्रस्ताव, क्या भाजपा ने उन्हें मना लिया?
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा ने शर्मा के नाम का प्रस्ताव विधायक दल की बैठक में रखा।
इससे पहले खबरें आई थीं कि वसुंधरा मुख्यमंत्री पद पर अड़ी हुई हैं और उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से एक साल के लिए ये पद मांगा है। उनके नवनियुक्त विधायकों से बैठक करके उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश करने की बात भी सामने आई थी।
ऐसे में ये बड़ा सवाल है कि क्या भाजपा नेतृत्व वसुंधरा को मनाने में कामयाब रहा है।
काम
शर्मा को मिला प्रदेश संगठन में काम करने का इनाम
मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले शर्मा संगठन में लंबे समय से कार्यरत हैं और संगठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए ही उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह 4 बार प्रदेश महासचिव रह चुके हैं।
उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का करीबी भी माना जाता है और उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत RSS के छात्र संगठन अखिल भारतीय परिषद (ABVP) से की थी। इसके बाद वे भाजपा में आ गए।
जानकारी
पहली बार विधायक चुने गए हैं शर्मा
शर्मा इस चुनाव में पहली बार विधायक बने हैं। भाजपा ने तत्कालीन विधायक अशोक लाहोटी का टिकट काटकर उन्हें जयपुर की सांगानेर सीट से मैदान में उतारा था। उन्होंने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48,081 वोटों से अंतर से हराकर जीत दर्ज की।
नतीजे
क्या रहे थे राजस्थान चुनाव के नतीजे?
3 दिसंबर को आए राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा ने कांग्रेस को हराकर जीत हासिल की थी। पार्टी ने राज्य की 199 विधानसभा सीटों में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस महज 69 सीटें जीत पाई।
इसी के साथ राज्य में हर 5 साल में सरकार बदलने का रिवाज कायम रहा। राज्य की 200 में से 199 विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को मतदान हुआ था।