
गुजरात: कच्छ की यात्रा में इन 5 हस्तशिल्प गांवों का जरूर करें रुख
क्या है खबर?
कच्छ का रण गुजरात का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह अपने सफेद रेगिस्तान के लिए मशहूर है, जहां हर साल सफेद रेत का अनोखा दृश्य दिखाई देता है।
इसके अलावा कच्छ के रण में कई हस्तशिल्प गांव भी हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां की पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय संस्कृति पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव देती है।
इन गांवों में घूमना, खरीदारी करना और स्थानीय लोगों से बातचीत करना एक यादगार अनुभव हो सकता है।
#1
धोरडो गांव
धोरडो गांव कच्छ के रण में स्थित एक छोटा-सा गांव है, जो अपने पारंपरिक घरेलू उद्योगों के लिए जाना जाता है।
यहां के लोग मुख्य रूप से कढ़ाई, कढ़ाई वाले कपड़े, लकड़ी की नक्काशी और मिट्टी के बर्तन बनाते हैं।
पर्यटक यहां आकर इन हस्तशिल्प वस्त्रों को खरीद सकते हैं और स्थानीय लोगों से उनकी कला के बारे में जान सकते हैं।
यह गांव अपनी सांस्कृतिक धरोहर और कला के लिए प्रसिद्ध है।
#2
भुजियो किला
भुजियो किला भुज शहर में स्थित एक ऐतिहासिक किला है, जिसे 18वीं सदी में बनाया गया था।
इसे देखने के लिए आपको कुछ सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, लेकिन ऊपर से चारों ओर का नजारा बेहद खूबसूरत है।
इस किले से आप पूरे भुज शहर और आसपास के क्षेत्रों को देख सकते हैं।
यहां आकर आप इतिहास की झलक पा सकते हैं और साथ ही खूबसूरत दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।
#3
लुनीपार गांव
लुनीपार गांव अपने रंग-बिरंगे कपड़ों और कढ़ाई के लिए मशहूर है।
यहां के लोग पारंपरिक तरीके से कपड़े बनाते हैं, जिन्हें देखकर आपको गुजरात की संस्कृति की झलक मिलेगी।
इन कपड़ों पर की गई कढ़ाई बहुत ही खूबसूरत होती है, जो पर्यटकों को आकर्षित करती है।
यहां आकर आप इन कपड़ों को खरीद सकते हैं और स्थानीय लोगों से उनकी कला के बारे में जान सकते हैं।
#4
गुंडानगर गांव
गुंडानगर गांव अपनी मिट्टी की मूर्तियों और सजावटी सामानों के लिए जाना जाता है।
यहां के कारीगर मिट्टी से विभिन्न आकार-प्रकार की मूर्तियां बनाते हैं, जिन्हें देखकर आप उनके हुनर की तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे।
इसके अलावा यहां पर अन्य सजावटी सामान भी मिलते हैं, जो आपके घर की शोभा बढ़ा सकते हैं। इस गांव की कला और संस्कृति पर्यटकों को बहुत पसंद आती है।
#5
पाटन गांव
पाटन गांव अपनी पारंपरिक वस्त्र बुनाई तकनीकों जैसे पटोला साड़ी बनाने के लिए मशहूर है।
पटोला साड़ियां बहुत ही महंगी होती हैं क्योंकि इन्हें बनाने में काफी समय लगता है और इनमें बहुत मेहनत लगती है।
इसके अलावा इस गांव में अन्य पारंपरिक वस्त्र जैसे इकट्ठा किया जाता है। इन सभी गांवों की यात्रा आपको कच्छ के रण की संस्कृति और कला से रूबरू कराएगी।