
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के न्यायाधीश को फटकार लगाई, कहा- किसी क्षेत्र को पाकिस्तान न कहें
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीश वी श्रीशानंद को हाल ही में एक सुनवाई के दौरान की गई उनकी विवादित टिप्पणी के लिए फटकार लगाई।
न्यायाधीश श्रीशानंद ने सुनवाई के दौरान बेंगलुरु के एक विशेष इलाके को "पाकिस्तान" कहा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इसका सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, जिसकी सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, बीआर गवई, सूर्यकांत और ऋषिकेश रॉय ने की।
विवाद
पहले जानिए क्या है मामला?
लाइव लॉ के मुताबिक, पिछले हफ्ते कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीश वेदव्यासचार श्रीशानंद के 2 वीडियो सामने आए, जिसमें वे आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिख रहे हैं।
एक वीडियो में न्यायाधीश बेंगलुरु के एक इलाके को "पाकिस्तान" कहते दिखे, जो स्पष्ट रूप से मुस्लिम बहुल है और दूसरे वीडियो में उन्होंने एक महिला अधिवक्ता के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इसके बाद 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणियों का स्वतः संज्ञान लेकर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से रिपोर्ट मांगी।
सुनवाई
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मामले को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया क्योंकि वायरल वीडियो पर न्यायाधीश ने खुले कोर्ट में अपना खेद व्यक्त किया है। साथ ही कोर्ट ने न्यायाधीशों के संयम को लेकर कई टिप्पणियां कीं।
पीठ ने कहा, "आकस्मिक टिप्पणियां व्यक्तिगत पूर्वाग्रह की निश्चित सीमा को दर्शा सकती हैं, खासकर जब उन्हें किसी विशेष लिंग या समुदाय के विरुद्ध निर्देशित माना जाता है। कोर्ट को ऐसी टिप्पणियां न करने के लिए सावधान रहना चाहिए।"
बयान
सुप्रीम कोर्ट ने आगे क्या कहा?
पीठ ने कहा, "ऐसी टिप्पणी से बचें जिन्हें समाज के किसी भी वर्ग के लिए स्त्री द्वेषी या पूर्वाग्रही माना जा सकता है। हम किसी विशेष लिंग या समुदाय पर टिप्पणियों के बारे में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं। ऐसी टिप्पणियों को नकारात्मक रूप में समझा जा सकता है। हमें उम्मीद है और भरोसा है कि सभी हितधारकों को सौंपी गई जिम्मेदारियां बिना किसी पूर्वाग्रह और सावधानी के निभाई जाएंगी।"
कोर्ट ने लाइव प्रसारण पर भी चिंता जताई।
बयान
भारत के किसी क्षेत्र को पाकिस्तान न कहें- सुप्रीम कोर्ट
इस दौरान CJI ने कहा, "कोई भी भारत के किसी भी हिस्से को पाकिस्तान नहीं कह सकता। यह देश की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है। सूर्य के प्रकाश का जवाब है और अधिक सूर्य का प्रकाश, न कि कोर्ट में जो कुछ हो रहा है उसे दबाना। इसका जवाब कोर्ट को बंद करना नहीं है।"
पीठ ने कहा कि सभी पक्षों, न्यायाधीशों, वकीलों, वादियों को पता होना चाहिए कि कार्यवाही कोर्ट के भौतिक परिसर से दूर दर्शक तक पहुंचती है।