
CBI को मिला नया बॉस, सुबोध कुमार जायसवाल होंगे नए निदेशक
क्या है खबर?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नया बॉस मिल गया है। महाराष्ट्र कैडर के 1985 बैच के IPS अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल CBI के नए निदेशक होंगे।
फिलहाल केंद्रीय औद्योगिक पुलिस बल (CISF) के महानिदेशक जायसवाल अगले दो सालों तक CBI की कमान संभालेंगे। मंगलवार शाम को इस संबंध में आदेश जारी हो चुका है।
प्रधानमंत्री, देश के मुख्य न्यायाधीश और संसद में विपक्ष के नेता वाली तीन सदस्यीय समिति ने जायसवाल के नाम को हरी झंडी दिखाई।
जानकारी
काफी समय से खाली है CBI निदेशक का पद
पिछले साल फरवरी में तत्कालीन CBI प्रमुख आलोक वर्मा और उनके डिप्टी राकेश अस्थाना के बीच हुए विवाद के बाद से केंद्रीय जांच को कोई स्थायी बॉस नहीं मिला था।
CBI के अपर निदेशक और गुजरात कैडर के IPS अधिकारी प्रवीण सिन्हा इन दिनों एजेंसी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं।
नए CBI प्रमुख की नियुक्ति के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी, मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना और नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी की बैठक हुई थी।
CBI निदेशक
राजेश चंद्रा और वीएस कौमुदी के नाम पर भी हुई चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में जायसवाल के अलावा कुमार राजेश चंद्रा और वीएस कौमुदी के नाम पर भी चर्चा हुई थी। हालांकि, इस रेस में बाजी जायसवाल के हाथ लगी।
समिति ने जायसवाल का नाम प्रस्तावित कर कैबिनेट कमेटी ऑन अपॉइटमेंट को भेज दिया। इसके बाद मंगलवार शाम जायसवाल का नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया। इसके अनुसार पद संभालने के दो साल बाद तक वो इस पद पर रहेंगे।
अनुभव
जायसवाल के पास पुलिस और खुफिया विभाग में काम करने का लंबा अनुभव
जायसवाल को इसी साल CISF की कमान सौंपी गई थी। केंद्र में डेपुटेशन पर आने से पहले वो महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक थे।
साल 2018 में उन्हें मुंबई पुलिस कमिश्नर बनाया गया था और इसके बाद वो राज्य के पुलिस महानिदेशक बने थे।
बताया जाता है कि जायसवाल ने लगभग 10 साल तक देश की खुफिया एजेंसियों रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) के साथ काम किया है। वो महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड में भी रहे हैं।
जानकारी
कई अहम मामलों की जांच कर चुके हैं जायसवाल
जायसवाल महाराष्ट्र इंटेलीजेंस ब्यूरो के प्रमुख भी रह चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में रहते हुए कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की। उन्होंने मालेगांव बम धमाकों, सीरियल ट्रेन धमाके और भाजपा नेता प्रमोद महाजन की हत्या के मामलों की जांच की थी।
नियम
छह महीने वाले नियम के कारण बाहर हुए अस्थाना और मोदी
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक राकेश अस्थाना और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) प्रमुख वाईसी मोदी भी CBI प्रमुख की रेस में शामिल थे, लेकिन छह एक नियम के चलते इन्हें बाहर होना पड़ा।
दरअसल, बैठक के दौरान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने समिति का ध्यान नियम की ओर खिंचा, जिसके तहत पुलिस प्रमुख पद के लिए ऐसे अधिकारी नहीं चुने जा सकते, जिनका सेवाकाल छह महीने से कम बचा हो।
मोदी इसी महीने और अस्थाना जुलाई में रिटायर होंगे।
जानकारी
चौधरी ने किया मुख्य न्यायाधीश के मत का समर्थन
बताया जा रहा है कि मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया में इस नियम का पालन होना चाहिए। अधीर रंजन चौधरी ने भी उनकी बात का समर्थन किया और इस तरह अस्थाना और मोदी CBI निदेशक बनने से चूक गए।