
मार्च में रिकॉर्ड महंगाई के बावजूद अप्रैल में बढ़ी कीमतें, खाद्य पदार्थों पर सबसे ज्यादा असर
क्या है खबर?
देश में महंगाई की मार जारी है और मार्च में रिकॉर्ड महंगाई रहने के बावजूद अप्रैल में जनता को मार्च से भी अधिक कीमत पर जरूरी सामान खरीदने पड़ रहे हैं।
सबसे बड़ी समस्या ये है कि खाद्य सामान, सब्जियों, दूध और ईंधन जैसी जरूरती चीजों पर महंगाई का सबसे ज्यादा असर पड़ा है और इनकी कीमतें आसमान छू रही हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौजूदा साल के लिए महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 5.7 प्रतिशत कर दिया है।
सर्वे
मार्च से 25 प्रतिशत अधिक कीमत पर मिल रहीं सब्जियां- सर्वे
डिजिटल कम्युनिटी आधारित प्लेटफॉर्म लोकलसर्कल के सर्वे में लगभग 37 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें सब्जी खरीदने के लिए अप्रैल में मार्च के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
359 जिलों के 36,000 ग्राहकों के दूसरे सर्वे में एक चौथाई (24 प्रतिशत) परिवारों ने कहा कि उन्हें कीमतों में वृद्धि के कारण खाद्य तेलों की खपत कम करनी पड़ी है।
लगभग 29 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने सस्ता तेल खरीदना शुरू कर दिया है।
महंगाई दर
मार्च में 17 महीने में सबसे अधिक रही थी महंगाई दर
बता दें कि देश में मार्च में महंगाई दर 6.95 प्रतिशत रही जो पिछले 17 महीने में सबसे अधिक है। महंगाई दर में ये उछाल सब्जी, दूध, मीट और अनाज जैसी खाद्य सामग्रियों और ईंधन की कीमत में उछाल के कारण आया है।
खाद्य सामग्रियों की कीमत में सबसे अधिक उछाल देखने को मिला और इनकी महंगाई दर 7.68 प्रतिशत रही। फरवरी में इनकी महंगाई दर 5.85 प्रतिशत रही थी।
वृद्धि
किस खाद्य पदार्थ की कीमत कितनी बढ़ी?
खाद्य सामग्रियों में वृद्धि के लिए मुख्य तौर पर तेल और फैट की कीमतों में वृद्धि रही। मार्च में इन दोनों की महंगाई दर 18.79 प्रतिशत रही। सब्जियों की कीमत में 11.64 प्रतिशत वृद्धि हुई।
मीट और मछली की कीमतों में 9.63 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वहीं मसालों की कीमत 8.50 प्रतिशत बढ़ी। नॉन-एल्कोहोलिक पेय पदार्थों की कीमत 5.62 प्रतिशत और दूध की कीमत 4.71 प्रतिशत बढ़ी।
अनाजों और उनसे संबंधित उत्पादों की कीमत ने 4.93 प्रतिशत उछाल मारा।
ईंधन
ईंधन की कीमतें भी आसमान पर
ईंधन की कीमतों की बात करें तो मार्च-अप्रैल के बीच 14 बार वृद्धि करके पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया।
CNG की कीमत भी पिछले 10 दिनों के अंदर 10.80 रुपये प्रति किलो बढ़ चुकी है। मार्च के बाद से ये 12.5 रुपये अधिक महंगी हो चुकी है। दिल्ली में अभी CNG 71.61 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
इसी तरह रसोई गैस और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों को भी बढ़ाया गया है।
डाटा
क्यों बढ़ रही कीमतें?
देश में अभी महंगाई बढ़ने का एक मुख्य कारण यूक्रेन-रूस युद्ध और इसके साथ सप्लाई चैनों में पड़े व्यवधानों को माना जा रहा है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि का एक कारण बड़ी मात्रा में टैक्स भी है, जो सरकारें उस पर लगा रही हैं।