
कोरोना वायरस वैक्सीन: UN शांति मिशनों को दो लाख खुराकें दान करेगा भारत, कल होंगी रवाना
क्या है खबर?
भारत संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों पर तैनात शांतिदूतों के लिए कोरोना वायरस वैक्सीन की दो लाख खुराकें तोहफे में देगा। ये खुराकें 27 मार्च को भारत से रवाना होंगी और इसके बाद इन्हें अलग-अलग जगह पर तैनात शांति मिशनों में बांटा जाएगा।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फरवरी में UN सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए शांति मिशनों को तोहफे के रूप में ये खुराकें देने का ऐलान किया था।
आंकड़े
दो लाख खुराकों से किया जा सकेगा सभी शांतिदूतों का वैक्सीनेशन
भारत की तरफ से दी जा रहीं कोरोना वैक्सीन की दो लाख खुराकों से UN शांति मिशनों के सभी शांतिदूतों को दो-दो खुराकें लगाई जा सकेंगी।
UN के अनुसार, 31 जनवरी, 2021 तक 12 शांति मिशनों के तहत दुनियाभर में कुल 85,782 जवान तैनात थे। इन सभी जवानों को वैक्सीन की दो खुराकें लगाने के लिए लगभग 1.72 लाख खुराकें चाहिए होंगी और भारत इससे अधिक दो लाख खुराकें भेज रहा है।
रवानगी
मुंबई से कोपनहेगन भेजी जाएंगी कोविशील्ड की दो लाख खुराकें
इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के अनुसार, एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दो लाख खुराकें 27 मार्च को कतर एयरवेज के जरिए मुंबई से रवाना होंगी। मुंबई से ये खुराकें डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन पहुंचेंगी जहां इन्हें एक जगह स्टोर किया जाएगा और फिर दूसरी पैकेजिंग करके जल्द से जल्द शांति मिशनों तक भेजा जाएगा।
बता दें कि भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का 'कोविशील्ड' नाम से निर्माण कर रहा है। SII दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता है।
जानकारी
शांति मिशनों में सबसे अधिक सैनिक भेजता है भारत
बता दें कि UN के शांति मिशनों में दुनिया के 121 देश अपने सैनिक भेजते हैं। भारत शुरूआत से ही इनमें एक बड़ा भागीदार रहा है और शांति मिशनों के लिए सबसे ज्यादा सैनिक भेजने वाले देशों में से एक है।
शुक्रिया
UN महासचिव कर चुके हैं भारत का शुक्रिया अदा
UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत को दो लाख खुराकें भेजने के लिए धन्यवाद कह चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वह इसके लिए भारत के बहुत आभारी हैं।
बता दें कि UN के शांति मिशनों में दुनिया के 121 देश अपने सैनिक भेजते हैं। भारत शुरूआत से ही इनमें एक बड़ा भागीदार रहा है और शांति मिशनों के लिए सबसे ज्यादा सैनिक भेजने वाले देशों में से एक है।
पहल
'वैक्सीन मैत्री' पहल के तहत 6 करोड़ खुराकें निर्यात कर चुका है भारत
गौरतलब है कि भारत अपनी 'वैक्सीन मैत्री' पहल के तहत दुनियाभर में वैक्सीनें प्रदान कर रहा है। वह अभी तक अपने पड़ोसी, दक्षिण-पूर्व एशियाई, लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों को वैक्सीन भेज चुका है।
भारत गरीब देशों को वैक्सीन प्रदान के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के गठबंधन 'कोवैक्स' का भी हिस्सा है।
भारत अभी तक 6 करोड़ खुराकें निर्यात कर चुका हैं जिनमें से 2.8 करोड़ खुराकें कोवैक्स की दी गई हैं।
उत्पादन क्षमता
दुनिया की 'वैक्सीन फैक्ट्री' है भारत
गौरतलब है कि पूरी दुनिया में भारत में सबसे अधिक वैक्सीनें बनती है और इसे दुनिया की 'वैक्सीन फैक्ट्री' कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से लेकर अमेरिका और बिल गेट्स तक कह चुके हैं कि दुनिया को कोरोना महामारी से बाहर निकालने में वैक्सीन उत्पादन की भारत की क्षमता अहम भूमिका अदा करेगी।
भारतीय प्रधानमंत्री मोदी भी आश्वासन दे चुके हैं कि भारत की इस क्षमता का मानवता के भले के लिए उपयोग होगा।