
म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान की मां का निधन, सोशल मीडिया पर दी जानकारी
क्या है खबर?
दुनियाभर में अपनी छाप छोड़ने वाले मशहूर भारतीय म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान के परिवार से एक दुखद खबर आ रही है। दरअसल, रहमान की मां करीमा बेगम का निधन हो गया है। उन्होंने चेन्नई में अपनी आखिरी सांस ली।
इस दुखद खबर की जानकारी खुद सिंगर ने सोशल मीडिया के जरिए अपने चाहने वालों के साथ साझा की है। उन्होंने ट्विटर पर अपनी मां की एक मुस्कुराती हुई तस्वीर पोस्ट की है।
अंतिम संस्कार
आज ही होगा रहमान की मां का अंतिम संस्कार
बता दें कि एआर रहमान की मां पिछले काफी समय से उम्र से संबंधित समस्याओं से जूझ रही थीं। आज ही करीमा बेगम का अंतिम संस्कार भी कर दिया जाएगा।
अब रहमान के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने बेगम को श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया है। रहमान अपनी मां के बेहद करीब थे।
कहते हैं कि मां के कहने पर ही उन्होंने संगीत के क्षेत्र में अपना करियर बनाया है।
संगीत की शिक्षा
मां ने दिलावाई थी संगीत की शिक्षा
गौरतलब है कि करीमा बेगम ने राजगोपाल कुलशेखर से शादी की थी, जो इंडस्ट्री में एक म्यूजिक कंपोजर थे। उन्होंने खासतौर पर मलयालम फिल्मों में काम किया था। उन्होंने 52 फिल्मों में म्यूजिक कंपोज किया था, जबकि 23 फिल्में मलयालम थी।
एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी मां म्यूजिक को बेहद पसंद करती हैं। उन्होंने बताया था कि जब वह 11वीं क्लास में थे तब उनकी मां ने उन्हें संगीत की शिक्षा दिलानी शुरू की थी।
जानकारी
11 साल की उम्र में रहमान ने शुरू किया था काम
रहमान जब सिर्फ नौ साल के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उन्होंने 11 साल की उम्र में अपने बचपन के दोस्त शिवमणि के साथ रहमान बैंड रुट्स के लिए सिंथेसाइजर बजाने का काम करना शुरू कर दिया था।
हिन्दू परिवार
हिन्दू परिवार में हुआ था रहमान का जन्म
एआर रहमान का जन्म एक हिन्दू परिवार में हुआ था। उनका असली नाम दिलीप कुमार है।
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि 23 साल की उम्र में उनकी बहन बहुत बीमार हो गई थी। तब वह अपने पूरे परिवार के साथ एक इस्लामिक स्थल पर गई थी। जहां जाते ही वह ठीक गईं। इस बात का रहमान के परिवार पर गहरा असर हुआ और उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया।
अवॉर्ड
रहमान ने जीते कई हैं अवॉर्ड
रहमान ने अपने करियर की शुरुआत 1991 में की थी। उन्हें 1992 में आई फिल्म मणिरत्नम की तमिल फिल्म 'रोजा' में संगीत देने का मौका मिला। जिसे बेहद पसंद किया गया। इसके बाद यह पहली ऐसी दक्षिण भारतीय फिल्म थी जिसके गाने हिन्दी में डब किए गए।
रहमान पहले ऐसी एशियाई हस्ती हैं जिन्हें एक साल में दो बार ऑस्कर अवॉर्ड से सम्मानित ('स्लमडॉग मिलेनियर' फिल्म के लिए) किया गया था। वह पद्मश्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित हैं।