
UPSC: प्रबंधन वैकल्पिक विषय से कर सकते हैं अच्छा स्कोर, ऐसे करें तैयारी
क्या है खबर?
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) की मुख्य परीक्षा में प्रबंधन भी वैकल्पिक विषय है।
ये कम लोकप्रिय वैकल्पिक विषय है, लेकिन इसे सुरक्षित वैकल्पिक विषय माना जाता है।
इस विषय में प्रतिस्पर्धा कम होती है और इसका पाठ्यक्रम स्थिर माना जाता है।
इसका पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम से अलग है, ऐसे में प्रबंधन क्षेत्र के युवा ही इसका चुनाव करते हैं।
आइए जानते हैं प्रबंधन वैकल्पिक विषय का पाठ्यक्रम और तैयारी के टिप्स।
पाठ्यक्रम
प्रबंधन वैकल्पिक विषय का पाठ्यक्रम क्या है?
पेपर 1 में प्रबंधकीय कार्य और प्रक्रिया, संगठनात्मक व्यवहार और डिजाइन, मानव संसाधन प्रबंधन, प्रबंधन कौशल, नेटवर्क और आभासी संगठन, प्रबंधकों के लिए लेखांकन, वित्तीय प्रबंधन, विपणन प्रबंधन संबंधी मुद्दे पढ़ने होंगे।
पेपर 2 के पाठ्यक्रम में निर्णय लेने की मात्रात्मक तकनीक, उत्पादन और संचालन प्रबंधन, क्षमता योजना, प्रबंधन सूचना प्रणाली, भारत में व्यापार, उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम, सरकारी व्यवसाय इंटरफेस, सामरिक लागत प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, अंतरराष्ट्रीय उत्पादन, वैश्विक व्यापार रणनीति संबंधी टॉपिक शामिल हैं।
किताबें
कौन-सी किताबें पढ़ें?
उम्मीदवार फिलिप कोटलर की विपणन प्रबंधन, एमएन अरोड़ा की लागत और प्रबंधन लेखा, स्टीफन रॉबिन्स की संगठन व्यवहार, प्रसन्ना चंदा की वित्तीय प्रबंधन, रुस्तगी की वित्तीय प्रबंधन, एसी फर्नांडो की बिजनेस एनवायरनमेंट, हिल एंड जोन्स की सामरिक प्रबंधन, लॉडॉन की प्रबंधन सूचना प्रणाली, हेइजर और रेंडर की संचालन प्रबंधन, के अश्वथप्पा की संसाधन प्रबंधन, डीकेन्जो, अग्रवाल, भट्टाचार्य की फंडामेंटल ऑफ मैनेजमेंट किताब का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसके अलावा कोचिंग नोट्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
टॉपिक
पेपर 1 के महत्वपूर्ण टॉपिक
पेपर 1 में प्रबंधन की अवधारणाएं और नींव, मानव संसाधन प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन जैसे टॉपिक बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इने अंदर व्यापार रणनीति, निर्णय सिद्धांत, उद्यमिता, नेतृत्व कौशल, संघर्ष समाधान, निर्णय क्षमता, मार्जनिल कॉस्टिंग, मार्केटिंग स्ट्रेटजी फॉर्मूलेशन, ग्राहक संबंध प्रबंधन, ग्राहक ओरिएंटेशन जैसे मुद्दों पर ज्यादा फोकस करें।
इस पेरपर का अधिकांश भाग सैद्धांतिक है। इसे अच्छी तरह पढ़ें। पिछले साल के प्रश्नपत्रों में दोहराए गए टॉपिकों को भी प्रमुखता से कवर करें।
पेपर 2
पेपर 2 के महत्वपूर्ण टॉपिक
पेपर 2 में संख्यात्मक सवाल और केसस्टडी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में संचालन प्रबंधन, निर्यात प्रबंधन, बाहरी ऋण प्रबंधन, विदेशी मुद्रा जोखिम, संगठनात्मक जलवायु, औद्योगिक ज्ञान का प्रबंधन महत्वपूर्ण खंड है।
उम्मीदवारों को संचालन प्रबंधन, संचालन प्रबंधन, श्रृंखला प्रबंधन संबंधी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
पेपर 2 में अन्य व्यापक अध्याय प्रबंधन सूचना प्रणाली और सरकारी व्यवसाय इंटरफेस भी हैं।
इसके अलावा पूर्वानुमान, रेखीय प्रोगामिंग, ग्राफिकल विधि और संवेदनशीलता विश्लेषण के टॉपिक्स को जरूर पढ़ें।
तैयारी
ऐसे करें तैयारी
पेपर 1 के लिए मूल अवधारणाओं पर ध्यान दें और पेपर 2 में न्यूमेरिकल का अभ्यास करें।
प्रतिदिन उत्तर लेखन का प्रयास करें। बेहतर समझ के लिए ग्राफिकल सॉल्यूशंस और फ्लोचार्ट बनाएं।
विचार-मंथन वाले भाग को अच्छे से तैयार करें। समय-समय पर मॉक टेस्ट हल करके तैयारी का अवलोकन करें।
जिन विषयों में कम नंबर आ रहे हैं, उन्हें बार-बार पढ़ें।
ज्यादा चीज़ें पढ़ने की अपेक्षा रिवीजन पर ज्यादा ध्यान दें। रिवीजन के लिए नोट्स का इस्तेमाल करें।