
मारुति सुजुकी ने वापस मंगाई अपनी 1.34 लाख कारें, जानिए क्या है कारण
क्या है खबर?
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने वैगनआर और बलेनो की 1.34 यूनिट को रिकॉल की है।
कंपनी ने 8 जनवरी से 4 नवंबर, 2019 तक बनी वैगनआर और बलेनो कारों को वापस मंगाया है।
इन कारों के फ्यूल पंप में किसी संभावित गड़बड़ी की जांच की जाएगी। हालिया समय में कंपनी की तरफ यह की गई यह सबसे बड़ी रिकॉल है।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
प्रक्रिया
ऑथोराइज्ड डीलर के जरिये मालिकों से संपर्क करेगी कंपनी
मारुति सुजुकी ने जानकारी दी कि वह ऊपर दी गई तारीखों के बीच बनी वैगनआर 1.0 लीटर और बलेनो के पेट्रोल मॉडल की कारों को वापस बुला रही है।
कंपनी को इनके फ्यूल पंप की गुणवत्ता पर संदेह है। अगर इसमें कोई खराबी पाई जाती है तो वह पुर्जा मुफ्त में बदला जाएगा।
आने वाले कुछ दिनों में ऑथोराइज्ड डीलर के जरिये इन कारों के मालिकों से संपर्क कर कारों को वापस मंगाया जाएगा।
रिकॉल
वेबसाइट के जरिये भी किया जा सकता है चेक
इन कारों के मालिक खुद कंपनी की वेबसाइट पर जाकर यह देख सकते हैं कि उन्हें अपनी गाड़ी को चेकिंग के लिए ले जाना है या नहीं।
वैगनआर मालिक मारूति सुजुकी और बलेनो मालिक नेक्सा की वेबसाइट पर अपनी गाड़ी के चेसिस नंबर डालकर यह देख सकते हैं।
अगर उनकी कारों के नंबर MA3 और MBH से शुरू होते हैं तो उन्हें गाड़ी को जांच के लिए भेजने की जरूरत है।
जानकारी
कहां से देखे चेसिस नंबर?
चेसिस नंबर 14 अंकों का होता है और यह कार की आईडी प्लेट पर उकेरा गया होता है। अगर कोई यहां पर नहीं देख पा रहा है तो इसे कार के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या दूसरे दस्तावेजों पर देखा जा सकता है।
मारुति सुजुकी
बीते सप्ताह इन कारों को किया गया था रिकॉल
इससे पहले कंपनी ने बीते सप्ताह 63,492 सियाज, एर्टिगा और XL6 पेट्रोल स्मार्ट हाइब्रिड कारों को रिकॉल किया था।
कंपनी ने कहा था कि इनकी मोटर जनरेटर यूनिट (MGU) में कोई गड़बड़ हो सकती है।
तब कंपनी ने कहा था कि वह 1 जनवरी से लेकर 21 नवंबर, 2029 के बीच बनी कारों को वापस मंगा रही हैं। उत्पादन के समय किसी विदेशी सप्लायर्स के कारण MGU में कोई कमी रह गई थी।
वजह
कारें रिकॉल क्यों करती हैं कंपनियां?
ग्राहकों की सुरक्षा और वाहनों में किसी संभावित गड़बड़ी को दूर करने के लिए ऑटो कंपनियां अपनी कारों को रिकॉल करती है। इसमें उन कारों को वापस मंगाया जाता है, जो बेची जा चुकी होती हैं।
दुनियाभर में कई कंपनियों ने पिछले कुछ महीनों में अपनी कारों को रिकॉल कर उनमें आई या आने वाली खामियों को दूर किया है।
रिकॉल के दौरान खराब पुर्जों को बदला जाता है और इसके लिए कार मालिकों से पैसा नहीं लिया जाता है।