
केंद्र सरकार ने लैपटॉप आयात पर प्रतिबंध किया स्थगित, कंपनियों को मिला 31 अक्टूबर तक समय
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने टैबलेट और लैपटॉप के आयात पर प्रतिबंध लगाने की योजना को 3 महीने के लिए टाल दिया है।
इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों को राहत देते हुए सरकार ने कहा है कि कंपनियों के पास उपकरणों को आयात करने के लिए लाइसेंस सुरक्षित करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय होगा।
सरकार ने कहा, "आयात खेप को बिना लाइसेंस के 31 अक्टूबर तक मंजूरी दी जा सकती है और 1 नवंबर से आयात के लिए परमिट जरूरी होगी।"
निर्णय
इन कारणों से आयात पर प्रतिबंध लगाने का लिया गया निर्णय
सरकार ने कहा है कि सुरक्षा कारणों और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता के कारण प्रतिबंध लगाए गए हैं।
केंद्रीय IT मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि इस कदम का उद्देश्य विश्वसनीय हार्डवेयर और सिस्टम सुनिश्चित करना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से केंद्र सरकार को उन स्थानों पर कड़ी नजर रखने की अनुमति मिलेगी, जहां से यह उत्पाद आ रहे हैं।
कमी
भारत में लैपटॉप की कमी होने की जताई जा रही संभावना
लैपटॉप के आयात पर प्रतिबंध लगने से कारण भारत में लैपटॉप की कमी होने की संभावना जताई जा रही है।
लैपटॉप की कमी यानी आपूर्ति कम होने से कीमत बढ़ना भी तय है, जिससे ग्राहकों को किसी छूट का लाभ भी नहीं मिलेगा।
यह प्रतिबंध भारत में पर्सनल कंप्यूटर्स और लैपटॉप बेचने वाली सैमसंग, आसुस, लेनोवो और एसर जैसी कंपनियों पर भी लागू होगा।
जब तक कंपनियां लैपटॉप लाने की अनुमति नहीं लेगी, तब तक लैपटॉप की कमी बनी रहेगी।