
मणिपुर: महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने का जो वीडियो वायरल हो रहा, वो पूरा मामला क्या है?
क्या है खबर?
मणिपुर में पिछले 2 महीने से ज्यादा समय से हिंसा जारी है। इस बीच यहां 2 महिलाओं को निर्वस्त्र करके सड़क पर घुमाने का एक खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
आरोप है कि दोनों महिलाओं को भीड़ ने न सिर्फ निर्वस्त्र कर घुमाया, बल्कि एक के साथ गैंगरेप भी किया। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक पार्टियों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है।
घटना
कहां और कब की है घटना?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना मणिपुर की राजधानी इंफाल से लगभग 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले की है।
वीडियो में 2 महिलाएं दिख रही हैं, लेकिन असल में 3 महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाया गया था। इनमें से एक 21 वर्षीय युवती थी, वहीं दो महिलाओं की उम्र 42 और 52 वर्ष थी। इनमें से युवती के साथ गैंगरेप किया गया।
मामले में पीड़ित महिलाओं की शिकायत पर 21 जून को थौबल जिले में FIR दर्ज की गई थी।
FIR
हथियारों से लैस भीड़ ने किया था पीड़ितों के गांव पर हमला
FIR के अनुसार, 4 मई को हथियारों से लैस मैतेई समुदाय के 800 से लेकर 1,000 लोगों ने कांगपोकपी जिले के बी फैनोम गांव पर हमला बोल दिया।
अपनी जान बचाने के लिए युवती समेत 3 महिलाएं और युवती के पिता और भाई जंगल में भाग गए। कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें बचा लिया।
पुलिस उन्हें थाने ले जा रही थी, तभी थाने से महज 2 किलोमीटर दूर भीड़ ने उन्हें रोककर पीड़ितों को अपने कब्जे में ले लिया।
रिपोर्ट
भीड़ ने भाई के सामने किया युवती का गैंगरेप, विरोध करने पर हत्या की
FIR के अनुसार, भीड़ ने युवती के पिता की मौके पर ही हत्या कर दी, वहीं तीनों महिलाओं को वस्त्र उतारने को मजबूर किया और उन्हें निर्वस्त्र करके घुमाया।
इसके बाद भीड़ ने खेत में ले जाकर उसके भाई और अन्य 2 महिलाओं के सामने युवती का गैंगरेप किया।
जब 19 वर्षीय भाई ने अपनी बहन को बचाने की कोशिश की तो भीड़ ने उसकी हत्या कर दी।
कुछ जानने वालों की मदद से महिलाएं मौके से भाग पाईं।
पुलिस
पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
मणिपुर पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को वीडियो के आधार पर मुख्य आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आरोपी हरे रंग की शर्ट पहने नजर आ रहा है और उसकी पहचान खुइरम हेरादास निवासी थोबल के रूप में हुई है।
अपील
जनजातीय मंच का आरोप- पीड़ा को बढ़ाने के लिए आरोपियों ने शेयर किया वीडियो
स्वदेशी जनजातीय नेता मंच (ITLF) ने राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से मामले में कार्रवाई की अपील की है।
उसने कहा, "आरोपियों ने इन निर्दोष महिलाओं द्वारा झेली गई भयावह यातनाओं को बढ़ावा देने के लिए वीडियो शेयर किया है। ऐसे में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।"
मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 4 मई से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और प्रतिबंध में ढील के बाद ये वीडियो सामने आया है।
बयान
केंद्रीय महिला मंत्री स्मृति ईरानी ने मुख्यमंत्री से की बात
मणिपुर का यह वीडियो से सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मामले को लेकर एक ट्वीट किया।
उन्होंने लिखा, 'मणिपुर में 2 महिलाओं के यौन उत्पीड़न का भयावह वीडियो निंदनीय और सर्वथा अमानवीय है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से बात हुई है, जिन्होंने मुझे सूचित किया है कि जांच अभी चल रही है। उन्होंने आश्वसन दिया है कि अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाएगी।'
हिंसा
मणिपुर में क्यों जारी है हिंसा?
मणिपुर में बीती 3 मई से हिंसा जारी है। तब मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित किया गया था। इस दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसने पूरे मणिपुर को चपेट में ले लिया।
मणिपुर हिंसा में अब तक 120 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
इसके अलावा करीब 65,000 से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।