
देश में कितने तरह के होते हैं ड्राइविंग लाइसेंस? जानें इनके आवेदन की प्रक्रिया और वैधता
क्या है खबर?
किसी भी गाड़ी को चलाने की अनुमति के तौर पर दिए जाने वाले ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में हम सभी जानते हैं।
इसके लिए एक टेस्ट देने की जरूरत होती है, जिसमें पास होने पर ड्राइविंग लाइसेंस दिया जाता है। पर क्या आपको पता है ड्राइविंग लाइसेंस भी कई तरह के होते हैं, जिनके आवेदन की प्रक्रिया और वैधता अलग-अलग होती हैं।
इसलिए आज हम आपको भारत में मिलने वाले विभिन्न तरह के ड्राइविंग लाइसेंसों के बारे में बताएंगे।
#1
लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस
लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस लेने के क्रम में पहला चरण है।
इसमें आपको एक लर्नर सर्टिफिकेट दिया जाता है, जिसकी वैधता छह महीने की होती है। यह लाइसेंस जारी होने के एक महीने के बाद ही आप स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में कुछ औपचारिकताओं को पूरा करके हाथों-हाथ लिया जा सकता है। इस लाइसेंस के साथ आप वाहन का उपयोग करना सीख सकते हैं।
#2
स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (DL)
स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए आपको को लर्नर लाइसेंस के लिए दी गई छह महीने की अवधि के भीतर ही इसके लिए आवेदन करना होता है।
धारक को इसके लिए RTO में आवेदन करना होता है और एक टेस्ट देने की आवश्यकता होती है।
थ्योरी और प्रेक्टिकल दोनों टेस्ट में पास होने के बाद व्यक्ति को एक स्थायी लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता 20 साल होती है।
#3
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL)
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस उन लोगों को जारी किया जाता है जो भारी मोटर वाहन, मध्यम मोटर वाहन या हल्के मोटर वाहन का इस्तेमाल करते हैं।
इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंड भी बाकी दो श्रेणियों से अलग है।
इसके लिए आवेदक को सरकारी मोटर स्कूल से प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। साथ ही इसके लिए अलग ड्राइविंग टेस्ट होता है। हालांकि, इसके लिए आवेदन करने की प्रक्रिया स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के समान ही होती है।
#4
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस परमिट (IDL)
जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस एक परमिट है जो विदेशों में गाड़ी चलाने के लिए जरूरी है।
RTO इस परमिट को एक विदेशी जमीन में गाड़ी चलाने की योग्यता के प्रमाण के तौर पर देता है।
इसके जरिये आप दुनिया के 150 देशों में गाड़ी रेंट पर ले सकते हैं और यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट की वैधता केवल एक साल होती है।