
नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, भारत ने 121 साल बाद एथलेटिक्स में जीता ओलंपिक पदक
क्या है खबर?
भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने पूरे भारत की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए भाला फेंक फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और 121 साल से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म किया है।
फाइनल में 87.58 मीटर की दूरी तय करके नीरज ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है। वह लगातार पहले स्थान पर ही बने रहे थे। टोक्यो ओलंपिक में भारत का यह सातवां पदक है।
पहले दो राउंड
पहले दो राउंड में नीरज ने लगातार पार किया 87 मीटर का मार्क
पहले राउंड में 12 एथलीट्स ने हिस्सा लिया था और पहले राउंड की समाप्ति के बाद नीरज टॉप पर थे। जर्मनी के यूलियन वेबर ने 85.30 मीटर की दूरी तय करके नीरज के करीब पहुंचने की कोशिश की थी। इसके अलावा कोई अन्य 84 मीटर को भी नहीं छू सका था।
दूसरे राउंड में नीरज ने 87.58 मीटर की दूरी के साथ अपने प्रदर्शन को और सुधारा।
ट्विटर पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने दी नीरज को शुभकामनाएं
History has been scripted at Tokyo! What @Neeraj_chopra1 has achieved today will be remembered forever. The young Neeraj has done exceptionally well. He played with remarkable passion and showed unparalleled grit. Congratulations to him for winning the Gold. #Tokyo2020 https://t.co/2NcGgJvfMS
— Narendra Modi (@narendramodi) August 7, 2021
उपलब्धि
एथलेटिक्स में भारत के लिए स्वर्ण जीतने वाले पहले एथलीट बने नीरज
भारत ने पहली बार 1920 में ओलंपिक में हिस्सा लिया और तब से लेकर अब तक हर बार वे ओलंपिक का हिस्सा रहे हैं। इसके बावजूद देश को 1900 के बाद से एथलेटिक्स में कोई पदक नहीं मिला था।
नीरज भारत को एथलेटिक्स में ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहले भारतीय बने हैं। उन्होंने 121 साल से एथलेटिक्स में चले आ रहे पदक के सूखे को समाप्त किया है। नीरज ने अपने पहले ओलंपिक में ही इतिहास रच दिया है।
स्वर्ण पदक
ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय बने नीरज
नीरज भारत के लिए ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले केवल दूसरे एथलीट बने हैं। पूर्व निशानेबाज अभिनव बिंद्रा व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बने थे। उन्होंने 2008 ओलंपिक में यह कारनामा किया था।
इन दो स्वर्ण पदकों के अलावा भारत ने आठ और स्वर्ण पदक जीते हैं, लेकिन वे सभी पदक हॉकी में आए हैं। हॉकी टीमगेम है और भारत ने इसमें लंबे समय तक राज किया है।
जानकारी
1900 में आया था भारत के लिए एथलेटिक्स में पहला पदक
1900 में नॉर्मन प्रिचर्ड ने पुरुषों की 200 मीटर और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीता था। उन्होंने यह उपलब्धि ब्रिटिश-इंडियन एथलीट के रूप में हासिल की थी।
जोहानेस विटर
टॉप-8 में जगह नहीं बना सके दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी
फाइनल में नीरज के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी माने जा रहे जर्मनी के जोहानेस विटर पहले तीन राउंड के बाद ही फाइनल से बाहर हो गए थे। दुनिया के नंबर एक भाला फेंक खिलाड़ी विटर का पहले राउंड में सर्वश्रेष्ठ 82.52 मीटर का रहा। नौवें स्थान पर रहने के कारण वह बाहर हो गए।
उन्होंने मई में 96.29 मीटर के मार्क को छुआ था। वह लगातार 90 मीटर के मार्क को छूने के लिए मशहूर हैं।
टोक्यो ओलंपिक
टोक्यो ओलंपिक में भारत जीत चुका है सात पदक
भारत अब तक टोक्यो ओलंपिक में सात पदक जीत चुका है। मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में रजत पदक के साथ भारत का खाता खोला था। इसके बाद बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु, महिला मुक्केबाज लवलीना बोर्गेहान ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। रवि दहिया कुश्ती में भारत के लिए रजत पदक जीतने वाले केवल दूसरे पहलवान बने हैं।
बजरंग पुनिया ने कुश्ती में कांस्य, नीरज ने भाला फेंक में स्वर्ण और भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य जीता है।