
ये हैं भारत के 'डेविड बेकहम', मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने किया जिक्र
क्या है खबर?
26 जनवरी को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीसरे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में हिस्सा ले रहे और हिस्सा नहीं भी ले रहे लोगों को बधाई दी।
22 जनवरी को समाप्त हुए इस इवेंट में 6,000 से ज़्यादा एथलीट्स ने हिस्सा लिया था।
मोदी ने अपने कार्यक्रम के दौरान डेविड बेकहम का नाम लिया और वह भी इंग्लैंड वाले नहीं बल्कि भारत के।
आइए जानते हैं भारत के इस बेकहम के बारे में।
बयान
अब हमारे पास भी है डेविड बेकहम: मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने जिस बेकहम की बात की वह इंग्लैंड के स्टार फुटबॉलर डेविड की बजाय भारत के 17 वर्षीय साइकिलिस्ट हैं।
उन्होंने कहा, "अब अगर मैं डेविड बेकहम का नाम लूंगा तो आपको लगेगा कि मैं इंग्लैंड के फुटबॉलर के बारे में बात कर रहा हूं। हालांकि, अब हमारे पास भी एक बेकहम है और उसने गुवाहाटी में हुुए यूथ गेम्स में 200 मीटर साइकिलिंग स्प्रिंट में गोल्ड मेडल जीता है।"
फुटबॉल
सुब्रतो कप खेल चुके हैं बेकहम
बेकहम बताते हैं कि उनके परिवार को डेविड बेकहम काफी पसंद थे और इसी कारण उनका नाम भी डेविड बेकहम रख दिया गया।
उन्होंने आगे कहा, "मैं भी बेकहम का फैन हो गया था और मैंने भी फुटबॉल खेलना शुरु कर दिया था। मैंने सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट में भी हिस्सा लिया है।"
बेकहम का कहना है कि फिर अपने दादाजी के कहने के कारण उन्होंने साइकिलिंग शुरु की थी।
संघर्ष
सुनामी में हो गई थी बेकहम के पिता की मौत
अंडमान के रहने वाले बेकहम को बचपन से ही काफी संंघर्ष करना पड़ा है। 2004 में आई सुनामी में ही उनके पिता की मौत हो गई थी और उस समय उनकी उम्र काफी कम थी।
पिता की मौत के 10 साल बाद इन्फेक्शन के कारण उनकी मां की भी मौत हो गई।
माता-पिता की मौत हो जाने के बाद से बेकहम अपने नाना के साथ रह रहे हैं।
ट्रेनिंग
अच्छी ट्रेनिंग के लिए 2017 में दिल्ली आए थे बेकहम
फुटबॉल छोड़कर साइकिलिंग शुरु करने का निर्णय लेने के बाद बेकहम के सामने अंडमान में अच्छी ट्रेनिंग हासिल करने की चुनौती थी।
वहां अच्छी ट्रेनिंग नहीं मिल पाने के कारण उन्होंने बड़े शहरों में जाने का निर्णय लिया।
उन्होंने 2017 में दिल्ली से ट्रेनिंग की शुरुआत की और इसके बाद उनके प्रदर्शन में काफी ज़्यादा सुधार आया।
इस बार गुवाहाटी में हुए यूथ गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता है।