
व्हाट्सऐप चुपके से सुन रहा था लोगों की बात? सरकार करेगी मामले की जांच
क्या है खबर?
व्हाट्सऐप से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि ये ऐप बैकग्राउंड में एंड्रॉयड यूजर्स के माइक्रोफोन का इस्तेमाल करता है।
आरोप के मुताबिक, ये उस समय भी फोन के माइक्रोफोन का इस्तेमाल करता है जब यूजर्स व्हाट्सऐप नहीं यूज कर रहे होते हैं।
प्राइवेसी से जुड़े इस मुद्दे को एक ट्विटर इंजीनियर ने सबके सामने रखा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार इस मामले की जांच करेगी।
प्राइवेसी
इस बात की जांच करेगी सरकार
एक ट्वीट में राजीव ने कहा कि ये अस्वीकार्य प्राइवेसी का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात की जांच करेगी कि क्या व्हाट्सऐप ने स्मार्टफोन यूजर्स के माइक्रोफोन का उस समय भी इस्तेमाल किया जब यूजर्स व्हाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर रहे होते हैं।
ट्विटर इंजीनियर फोड डाबिरी ने ट्वीट कर दावा किया है कि व्हाट्सऐप बैकग्राउंड में उसके माइक्रोफोन का उस समय इस्तेमाल कर रहा था जब वह सो रहा था।
व्हाट्सऐप
व्हाट्सऐप ने दी ये सफाई
व्हाट्सऐप ने इस पूरे मामले में एक ट्वीट में कहा कि वह इसे एंड्रॉयड में एक बग मानती है जो उनके प्राइवेसी डैशबोर्ड में जानकारी को गलत तरीके से दिखा रहा है।
व्हाट्सऐप ने कहा कि उसने गूगल से इस बग की जांच करने और इसमें सुधार करने के लिए कहा है।
व्हाट्सऐप ने यह भी दावा किया कि यूजर्स का उनके फोन के माइक सेटिंग्स पर पूरा कंट्रोल होता है।
माइक
सिर्फ ऑडियो/वीडियो कॉल के दौरान यूज करती है माइक्रोफोन- व्हाट्सऐप
व्हाट्सऐप ने कहा कि एक बार परमिशन मिलने के बाद व्हाट्सऐप फोन के माइक को सिर्फ उतने समय तक के लिए ही एक्सेस करता है जब तक यूजर्स ऑडियो/वीडियो कॉल या वायस नोट रिकॉर्ड करते हैं।
ऐप ने कहा कि व्हाट्सऐप पर होने वाली बातचीत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से प्रोटेक्टेड होती है और इस वजह से व्हाट्सऐप उस बातचीत को सुन भी नहीं सकती।
व्हाट्सऐप ने यह भी कहा कि वह बीते 24 घंटों से डाबिरी के संपर्क में है।
चोरी
व्हाट्सऐप और फेसबुक पर लगते रहे हैं प्राइवेसी उल्लंघन के आरोप
मेटा के स्वामित्व वाले फेसबुक और व्हाट्सऐप पर यूजर्स की प्राइवेसी से खिलवाड़ करने और डाटा चोरी के कई आरोप लगते रहे हैं।
भारत में पिछले कुछ दिनों में व्हाट्सऐप पर स्पैम कॉल की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। इन स्पैम कॉल के जरिए लोगों के साथ फ्रॉड किया जा रहा है।
हालांकि, हाल ही में व्हाट्सऐप और ट्रूकॉलर ने एक साझेदारी की घोषणा की है। इसके तहत अब ट्रूकॉलर की कॉलर आइडेंटिफिकेशन सर्विस व्हाट्सऐप पर भी मिलेगी।