
सुनीता विलियम्स ISS पर मनाएंगी थैंक्सगिविंग, वीडियो में बताया क्या कुछ खाएंगी पकवान
क्या है खबर?
नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इस साल अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर थैंक्सगिविंग मनाने वाली हैं। वे 'स्मोक्ड टर्की, मैश्ड पोटैटो' के साथ यह पर्व मनाएंगी।
थैंक्सगिविंग हर साल नवंबर के चौथे गुरुवार को मनाया जाता है, जो आशीर्वाद और फसल की कृतज्ञता का दिन होता है।
नासा द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में विलियम्स ने कहा कि उनका दल पृथ्वी पर अपने सभी परिवार, दोस्तों और समर्थकों को हैप्पी थैंक्सगिविंग कहना चाहता है।
योजना
विलियम्स ने बताई अपनी योजना
अंतरिक्ष यात्रियों ने बताया कि नासा ने उन्हें थैंक्सगिविंग के लिए बटरनट स्क्वैश, सेब, सार्डिन और स्मोक्ड टर्की जैसे खाद्य पदार्थ दिए हैं।
एक साक्षात्कार में विलियम्स ने बताया कि वे ISS पर बुच विल्मोर, निक हेग और अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ इस दिन को मनाएंगी।
उनकी योजना में मैसी के थैंक्सगिविंग डे परेड देखना और 'स्मोक्ड टर्की, क्रैनबेरी, सेब का कोबलर, हरी बीन्स, मशरूम और मैश्ड आलू' के साथ दावत भी शामिल है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
"We have much to be thankful for."
— NASA (@NASA) November 27, 2024
From the @Space_Station, our crew of @NASA_Astronauts share their #Thanksgiving greetings—and show off the menu for their holiday meal. pic.twitter.com/j8YUVy6Lzf
थैंक्सगिविंग
थैंक्सगिविंग डे का क्या है इतिहास?
थैंक्सगिविंग डे हर साल नवंबर के चौथे गुरुवार को मनाया जाता है, जो आशीर्वाद और फसल के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।
इसका इतिहास 1621 से जुड़ा है, जब पैल्ग्रिम्स नामक ब्रिटिश लोग पहली बार अमेरिकी मूल निवासियों के साथ मिलकर फसल की कटाई के बाद धन्यवाद समारोह मनाने के लिए एकत्र हुए थे।
यह दिन परिवार और दोस्तों के साथ अच्छे आशीर्वाद, समृद्धि और सफलता के लिए आभार व्यक्त करने का अवसर होता है।
यात्रा
करीब 6 महीने से ISS पर हैं विलियम्स
विलियम्स अपने साथी अंतरिक्ष यात्री विल्मोर के साथ इस साल जून महीने में बोइंग स्टारलाइनर मिशन के तहत ISS पर गई थीं।
योजना के अनुसार यह मिशन केवल एक हफ्ते तक ही चलना था, लेकिन स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में तकनीकी समस्या आने की वजह से यह 6 महीने से भी अधिक लंबा हो गया।
अब इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस-X के ड्रैगन कैप्सूल की मदद से फरवरी, 2025 में पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा।