
आईफोन यूजर्स घर बैठे ठीक कर सकेंगे टूटी स्क्रीन या खराब बैटरी, नया प्रोग्राम लाई ऐपल
क्या है खबर?
ऐपल अपने यूजर्स के लिए सेल्फ सर्विस रिपेयर का विकल्प लेकर आई है, यानी कि वे अपने आईफोन्स खुद ठीक कर सकेंगे।
नया प्रोग्राम केवल अमेरिका में यूजर्स को मिल रहा है और जल्द बाकी मार्केट्स में रोलआउट किया जा सकता है।
प्रोग्राम के तहत कंपनी रिपेयर मैन्युअल्स, जेन्युइन पार्ट्स और टूल्स ऐपल सेल्फ सर्विस रिपेयर स्टोर के जरिए उपलब्ध करवाएगी।
अभी यह सेवा केवल आईफोन्स के लिए मिल रही है और दूसरे ऐपल डिवाइसेज के लिए उपलब्ध नहीं है।
प्रोग्राम
अमेरिका के बार यूरोप में होगी शुरुआत
कैलिफोर्निया की टेक कंपनी ऐपल ने सेल्फ सर्विस रिपेयर प्रोग्राम की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में की है।
हालांकि, कंपनी ने कन्फर्म किया है कि यह प्रोग्राम जल्द दूसरे देशों तक भी पहुंचेगा और इसी साल यूरोप में आईफोन यूजर्स को सेल्फ रिपेयर का विकल्प मिलेगा।
भारत भी ऐपल के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्केट्स में से एक है, ऐसे में यह सेवा जल्द भारत में भी लॉन्च हो सकती है।
पार्ट्स
200 से ज्यादा पार्ट्स ऑफर कर रही है ऐपल
नया ऑनलाइन ऐपल स्टोर 200 से ज्यादा पार्ट्स और टूल्स ऑफर कर रहा है, जिनकी मदद से ग्राहक अपने आईफोन की बैटरी, स्क्रीन और कैमरा रिपेयर कर पाएंगे।
यूजर्स को आईफोन 12, आईफोन 13 लाइनअप्स और आईफोन SE (3rd जेनरेशन) रिपेयर करने का विकल्प दिया जा रहा है।
कंपनी इस साल के आखिर तक मैक कंप्यूटर्स के लिए भी ऐसा प्रोग्राम ला सकती है और मैन्युअल्स, पार्ट्स या टूल्स ऑफर करेगी।
तरीका
घर बैठे कैसे रिपेयर कर सकते हैं आईफोन्स?
कोई आईफोन घर बैठे रिपेयर करने के लिए यूजर को सबसे पहले प्रोडक्ट का रिपेयर मैन्युअल पढ़ना होगा।
इसके बाद नजदीकी ऐपल सेल्फ सर्विस रिपेयर स्टोर जाकर वह जरूरी पार्ट्स और टूल्स खरीद सकेगा।
इस टूल किट में टॉर्क ड्राइवर्स, रिपेयर ट्रेज, डिस्प्ले और बैटरी प्रेसेज वगैरह शामिल होंगे।
जो ग्राहक ये टूल्स ना खरीदना चाहें, वे इन्हें एक सप्ताह के लिए 49 डॉलर (करीब 3,700 रुपये) में किराए पर भी ले सकेंगे।
विकल्प
ऐपल स्टोर में भी करवा सकेंगे रिपेयर
अगर आप उन यूजर्स में से नहीं है, जो अपने डिवाइस खुद रिपेयर कर पाएं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।
यूजर्स को नजदीकी ऐपल स्टोर और सर्विस सेंटर पर जाकर प्रोडक्ट रिपेयर करवाने का विकल्प मिलता रहेगा।
कंपनी चाहती है कि ऐपल यूजर्स थर्ड-पार्टी रिपेयर से बचें और महंगे प्रोडक्ट के लिए फेक पार्ट्स इस्तेमाल ना करें।
यही वजह है कि ऐपल ऑथराइज्ड सेंटर में रिपेयरिंग पर ही जोर देती है।
कंपनियां
सैमसंग और गूगल भी दे रही हैं ऐसा विकल्प
बीते दिनों सैमसंग और गूगल भी अपने ग्राहकों के लिए सेल्फ-रिपेयर का विकल्प लेकर आई हैं।
गूगल यूजर्स पिक्सल 2 से लेकर लेटेस्ट पिक्सल 6 प्रो तक अपने फोन के लिए बैटरी, कैमरा और स्क्रीन रिप्लेसमेंट्स जैसे पार्ट्स अपने पते पर मंगा सकेंगे।
वहीं, सैमसंग ने इस प्रोग्राम के लिए i-फिक्सिट के साथ पार्टनरशिप की है, जो कंपनी डिवाइसेज के पार्ट्स और कंपोनेंट्स ग्राहकों तक पहुंचाएगी।
इसके अलावा सैमसंग बदले में डैमेज हुए फोन के पार्ट्स वापस भी लेगी।
न्यूजबाइट्स प्लस
क्या है सेल्फ रिपेयर का मतलब?
आईफोन खराब होने की स्थिति में यूजर्स को आधिकारिक सर्विस सेंटर पर जाना पड़ता है।
बाहर मार्केट से फोन रिपेयर करवाने या फिर खुद रिपेयर करने जैसी स्थिति में फोन के पार्ट्स ओरिजनल नहीं होते।
सेल्फ-रिपेयर यानी कि खुद स्मार्टफोन रिपेयर करने के लिए अब कंपनियां ओरिजनल पार्ट्स ग्राहकों को भेज रही हैं।
इस तरह उन्हें सर्विस सेंटर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और नकली पार्ट्स फोन में लगने का डर नहीं होता।