
अरविंदर सिंह लवली ने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, लगाए कई आरोप
क्या है खबर?
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक और झटका लगा है। दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने 4 पन्नों के पत्र में पार्टी और शीर्ष नेतृत्व पर कई आरोप लगाते हुए पद छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ गठबंधन के खिलाफ थी, इसके बावजूद कांग्रेस ने AAP के साथ गठबंधन कर लिया।
आरोप
लवली ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पर लगाए कई आरोप
लवली ने दिल्ली के कांग्रेस प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया पर कई आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा लिए गए फैसलों पर बाबरिया ने रोक लगाई। लवली ने आरोप लगाए कि बाबरिया उन्हें किसी भी पद पर नियुक्ति नहीं करने दे रहे हैं, इस वजह से 150 से ज्यादा ब्लॉक में कोई भी अध्यक्ष नहीं है।
लवली ने कहा कि बाबरिया ने मीडिया प्रमुख के तौर पर एक नेता की नियुक्ति के अनुरोध को ठुकरा दिया गया।
टिकट
दिल्ली से 'बाहरी' लोगों को टिकट मिलने पर लवली ने जताई नाराजगी
लवली ने लिखा, "दिल्ली में कांग्रेस को केवल 3 सीटें दी गईं। इन 3 में से भी 2 सीट (उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व) प्रदेश कांग्रेस समिति (PCC), कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की राय लिए बिना ऐसे लोगों को दे दी गई, जो दिल्ली कांग्रेस और पार्टी की नीतियों से बिल्कुल अनजान थे। इन दोनों सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने से पहले प्रदेश नेतृत्व की सलाह तक नहीं ली गई।"
बता दें कि लवली का निशाना कन्हैया कुमार और उदित राज पर है।
गठबंधन
AAP से गठबंधन पर लवली ने उठाए सवाल
लवली ने लिखा, 'दिल्ली कांग्रेस इकाई उस पार्टी से गठबंधन के खिलाफ थी, जो कांग्रेस के खिलाफ झूठ बोलकर, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर बनी थी। जिस पार्टी के आधे कैबिनेट मंत्री इस समय भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं, उससे कांग्रेस ने गठबंधन का फैसला किया। हालांकि, मैंने न केवल सार्वजनिक रूप से इस निर्णय का समर्थन किया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि राज्य इकाई आलाकमान के अंतिम आदेश के मुताबिक ही काम करे।'
इस्तीफा
कुछ दिन पहले राजकुमार चौहान ने दिया था इस्तीफा
हाल ही में दिल्ली के पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इसके पीछे प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के व्यवहार को कारण बताया था।
वे उत्तर-पश्चिम दिल्ली से टिकट मांग रहे थे और टिकट न मिलने पर बैठक में विरोध भी किया था। इस दौरान उनकी बाबरिया से नोकझोंक भी हुई थी। बाद में इस संबंध में पार्टी आलाकमान को एक शिकायत भी भेजी गई थी।
लवली
कौन हैं लवली?
लवली पहली बार 1998 में गांधी नगर विधानसभा से विधायक चुने गए थे। इसके अलावा 2003, 2008 और 2013 में भी लगातार 3 बार विधायक रहे थे।
शीला दीक्षित की सरकार में लवली को शिक्षा, राजस्व विभाग, शहरी विकास और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
2017 में दिल्ली में नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा में चले गए थे, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में वापस आ गए।