
चक्रासन को बनाएं अपनी दिनचर्या का हिस्सा, जानिए इससे जुड़ी जरूरी बातें
क्या है खबर?
चक्रासन एक ऐसा योगासन है, जो शरीर की लचीलापन और ताकत को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
इस आसन को सूर्य नमस्कार के दौरान भी किया जा सकता है। चक्रासन को सही तरीके से करने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
इस लेख में हम आपको चक्रासन करने का तरीका और इससे जुड़ी जरूरी बातें बताएंगे, ताकि आप इसे आसानी से अपने रोजाना के योगाभ्यास में शामिल कर सकें।
अभ्यास
चक्रासन कैसे करें?
सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब धीरे-धीरे अपने पैरों को फैलाते हुए हाथों को कंधे की सीध में ले आएं।
इसके बाद सांस लेते हुए हाथों को घुमाते हुए माथे को जमीन पर रखें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे शरीर को पीछे की ओर खींचें और सिर को ऊपर उठाने की कोशिश करें।
इस स्थिति में कम से कम 30 सेकंड तक रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
शुरुआत
शुरुआत में इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप पहली बार चक्रासन कर रहे हैं तो शुरुआत में इसे किसी जानकार की निगरानी में करें ताकि आपको सही दिशा-निर्देश मिल सकें।
इसके अलावा शुरुआत में शरीर को ज्यादा खिंचाव न दें और धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
अगर आपको कमर या गर्दन में दर्द हो रहा हो तो इस आसन को न करें।
नियमित अभ्यास से पहले शरीर को अच्छी तरह से तैयार करें ताकि मांसपेशियां लचीली हो सकें।
फायदे
शरीर पर पड़ता है सकारात्मक प्रभाव
चक्रासन का नियमित अभ्यास करने से शरीर की लचीलापन बढ़ती है, जिससे रोजमर्रा की गतिविधियां आसान होती हैं।
इसके अलावा यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और सिरदर्द जैसी समस्याओं को दूर करता है। इससे पाचन क्रिया भी बेहतर होती है और पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है।
मानसिक शांति के लिए भी यह आसन बहुत फायदेमंद है। नियमित अभ्यास से शरीर की ऊर्जा स्तर भी बढ़ती है।
गलतियां
इन गलतियों से बचें
अभ्यास करते समय गर्दन या कंधे पर ज्यादा दबाव न डालें, इससे चोट लग सकती है।
इसके अलावा पेट पर ज्यादा दबाव न डालें क्योंकि इससे पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
अभ्यास करते समय शरीर की सुनें और अगर कोई असुविधा महसूस हो तो तुरंत आसन छोड़ दें।
नियमितता बनाए रखें ताकि इस आसन का पूरा लाभ मिल सके और शरीर स्वस्थ रहे। सही तरीके से अभ्यास करने पर ही इसका पूरा फायदा मिल सकता है।