
ब्लैक फंगस: अन्य देशों में क्या स्थिति और भारत में क्यों सामने आ रहे अधिक मामले?
क्या है खबर?
कोरोना वायरस महामारी के बीच दूसरे कई मौकापरस्त संक्रमणों ने भी लोगों को घेरने की कोशिश की है और इन्हीं संक्रमणों में शामिल है 'ब्लैक फंगस'।
देश में हजारों लोग इस खतरनाक बीमारी का शिकार हो चुके हैं और इसे महामारी अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया है।
चलिए जानते हैं कि भारत के अलावा अन्य किन-किन देशों में ब्लैक फंगस के मामले सामने आ चुके हैं और भारत में इतने मामले आने के पीछे क्या कारण है।
परिचय
सबसे पहले जानें क्या होता है ब्लैक फंगस
म्यूकरमायकोसिस या ब्लैक फंगस एक बेहद दुर्लभ संक्रमण है। यह म्यूकर फंगस के कारण होता है जो मिट्टी, पौधों, खाद, सड़े हुए फल और सब्ज़ियों में पनपता है।
यह आम तौर पर उन लोगों को प्रभावित करते हैं जो लंबे समय दवा ले रहे हैं और जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।
यह एक बहुत खतरनाक रोग है और इसकी मृत्यु दर लगभग 50 प्रतिशत है यानि ब्लैक फंगस से पीड़ित होने वाले लगभग आधे लोग मर जाते हैं।
मामले
किस देश में कितने मामले?
भारत में अभी तक लगभग 12,000 लोग ब्लैक फंगस से ग्रसित हो चुके हैं और इनमें से अधिकांश मरीज कोरोना से संक्रमित हो चुके लोग हैं।
भारत के बाद ब्राजील में ब्लैक फंगस के सबसे अधिक 29 मामले सामने आए हैं। पाकिस्तान में भी ब्लैक फंगस के पांच मामले सामने आए हैं।
बांग्लादेश में ब्लैक फंगस के एक मरीज का इलाज जारी है, वहीं अन्य के नतीजे आना बाकी हैं। रूस में भी कोरोना संक्रमितों को ब्लैक फंगस हुआ है।
कारण
भारत में क्यों सामने आ रहे इतने अधिक मामले?
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लैक फंगस ज्यादातर अनियंत्रित डायबिटीज के कारण होता है और चूंकि भारत में इसके मामले बहुत हैं, इसलिए यहां ब्लैक फंगस के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।
अनियंत्रित डायबिटीज वाले लोगों की इम्युनिटी पहले से ही कमजोर होती है, ऐसे में ब्लैक फंगस उन्हें घेर लेता है।
एक रिसर्च के अनुसार, दुनियाभर में जिन कोरोना संक्रमितों में ब्लैक फंगस के मामले सामने आए, उनमें से 94 प्रतिशत को डायबिटीज थी। 71 प्रतिशत मामले भारत में आए।
पहले की स्थिति
महामारी से पहले भी भारत में अधिक थे ब्लैक फंगस के मामले
कोरोना वायरस महामारी से पहले कम से कम 38 देशों में ब्लैक फंगस के मामले सामने आ चुके थे और तब भी भारत में इसके मामले सबसे अधिक थे।
प्रतिष्ठित इंटरनेशनल फंगल एजुकेशन के मुताबिक, प्रति 10 लाख लोगों पर ब्लैक फंगस के 140 मामलों के साथ भारत और पाकिस्तान में इसकी दर सबसे अधिक थी। भारत में कुल मामले पाकिस्तान से अधिक थे।
अनियंत्रित डायबिटीज और लोगों को इसकी जानकारी न होने कारण भारत में यह स्थिति थी।
अन्य कारण
भारत में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ने के और क्या कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना संक्रमितों के इलाज में स्टेरॉयड्स के अत्यधिक इस्तेमाल से भी ब्लैक फंगस होने का खतरा रहता है। स्टेरॉयड्स मरीज के इम्युनिटी सिस्टम को बहुत कमजोर कर देते हैं जिसकी वजह से ब्लैक फंगस उन्हें घेर लेता है।
भारत में महामारी के दौरान डेक्सामेथासोन और मिथाइलप्रेडनिसोलोन जैसे स्टेरॉयड्स का धड़ल्ले से उपयोग हुआ है और लोगों ने डॉक्टर की सलाह के बिना भी इनका इस्तेमाल किया है। इसे भी अधिक मामलों का कारण माना जा रहा है।