
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के राष्ट्रपति से मिले, कहा- भारत हमेशा सबसे पहले खड़ा रहा
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात के बाद संयुक्त बयान जारी कर दोनों देशों के रिश्तों पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर कहा, "भारत और मालदीव के संबंध सदियों पुराने हैं और भारत मालदवी का सबसे करीबी पड़ोसी और घनिष्ठ मित्र देश है। हमारी पड़ोसी प्रथम नीति और सागर विजन ने मालदीव का महत्वपूर्ण स्थान है। भारत ने हमेशा मालदीव के लिए प्रथम उत्तरदाता की भूमिका निभाई है।"
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें मुलाकात का वीडियो
Addressing the press meet with President @MMuizzu of Maldives.https://t.co/1wB3CZgfnI
— Narendra Modi (@narendramodi) October 7, 2024
संबंध
भारत ने हमेशा पड़ोसी होने का दायित्व निभाया- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "चाहे मालदीव के लोगों के लिए जरूरी चीजों को पूरा करना, प्राकृतिक आपदा के समय पीने का पानी उपलब्ध कराना या कोविड के समय वैक्सीन देने की बात हो, भारत ने हमेशा अपने पड़ोसी होने का दायित्व निभाया है। आज हमने आपसी सहयोग को रणनीतिक दिशा देने के लिए विस्तृत इकोनॉमी और सुरक्षा समझौता विजन अपनाया है। विकास समझौता हमारे संबंधों का अहम आधार है। इसने हमेशा मालदीव की प्राथमिकताओं को प्रमुखता से उठाया है।"
चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने मुइज्जू से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मुइज्जू से मुलाकात के दौरान विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की।
इसको लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की है। एकता हार्बर प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है। इंडियन ओसियन रीजन में स्थिरता और समृद्धि के लिए भी हमने मिलकर काम करने का निर्णय किया है।कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव में फाउंडिंग मेंबर के रूप में जुड़ने के लिए मालदीव का स्वागत है।"
घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने की मालदीव की वित्तीय सहायता की घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव को मौजूदा आर्थिक मंदी से उबरने में मदद के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा, "इस वर्ष भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मालदीव के ट्रेजरी बेंच से 10 करोड़ डॉलर (840 करोड़ रुपये) का रोलओवर किया है। अब 420 करोड़ रुपये के ट्रेजरी बिल को एक साल् और बढ़ाया जाएगा। मालदीव के साथ 10 करोड़ डॉलर और 3,000 करोड़ रुपये के मुद्रा स्वैप समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।"
जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी और मुइज्जू ने किया हनीमाधू हवाई अड्डे का उद्घाटन
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद हाउस पहुंचने पर राष्ट्रपति मुइज्जू का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने मिलकर मालदीव में हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इसके साथ अब मालदीव में उड़ानों की संख्या और बढ़ जाएगी।
ट्विटर पोस्ट
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#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Maldives President Mohamed Muizzu virtually inaugurate the runway of Hanimaadhoo International Airport in Maldives. pic.twitter.com/KgKSMiOYRy
— ANI (@ANI) October 7, 2024
यात्रा
मुइज्जू 10 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे
राष्ट्रपति मुइज्जू 6 से 10 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे। वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलकात के बाद अब मुंबई और बेंगलुरु भी जाएंगे, जहां व्यावसायिक कार्यक्रमों में शामिल लेंगे।
वो भारत में रहने वाले मालदीव के समुदाय से भी मिलेंगे। मुइज्जू के इस दौरे में उनके साथ 9 कैबिनेट मंत्री भी भारत आए हैं।
बता दें कि मुइज्जू इससे पहले जून में प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे।
खटास
मालदीव और भारत के रिश्तों में कैसे आई थी कड़वाहट?
पिछले साल नवंबर में मुइज्जू मालदीव के राष्ट्रपति बने थे, जो चीन के कट्टर समर्थक माने जाते हैं।
मुइज्जू ने चुनाव प्रचार में मालदीव के तत्कालीन राष्ट्रपति की 'इंडिया फर्स्ट' नीति का विरोध किया और 'इंडिया आउट' का नारा दिया था।
चुनाव जीतने के बाद उन्होंने मालदीव से भारतीय सेना को हटाने का फैसला लिया और सबसे पहले चीन की यात्रा की थी।
उसके बाद उनके मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा पर भी निशाना साधा था।