
हैदराबाद: निवेश ऐप के जरिए लोगों को फंसा रहे थे चीनी घोटालेबाज, 903 करोड़ रुपये उड़ाए
क्या है खबर?
हैदराबाद पुलिस ने 903 करोड़ रुपये के एक चीनी निवेश घोटाले का भंडाफोड़ किया है। ये घोटाला भारत और चीन के साथ-साथ ताइवान, कंबोडिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) आदि देशों तक फैला हुआ था।
मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक चीनी और एक ताइवानी नागरिक शामिल हैं।
आरोपी निवेश करने के ऑनलाइन ऐप्स (इन्वेस्टमेंट ऐप्स) के जरिए लोगों को फंसाते थे और उनका पैसा फर्जी खातों और फॉरेक्स कंपनियों से होते हुए चीन पहुंचाते थे।
खुलासा
हैदराबाद के निवासी की शिकायत के बाद हुआ मामले का खुलासा
हैदराबाद के एक निवासी द्वारा जुलाई में दर्ज कराई गई शिकायत की जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ है।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा कि लोक्सम (LOXAM) नामक एक ऐप पर 1.6 लाख रुपये निवेश करने के बाद उसके साथ धोखाधड़ी की गई और उसका पैसा उड़ गया।
जांच करने पर पुलिस को पता चला कि उसका पैसा जिंदई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नाम के एक बैंक अकाउंट में गया था।
बैंक अकाउंट
कमीशन लेकर भारतीय नागरिक ने खुलवाया था जिंदई का अकाउंट
पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र सिंह नामक एक शख्स ने जिंदई टेक्नोलॉजीज का यह बैंक अकाउंट खुलवाया था। पुणे से गिरफ्तारी के बाद उसने बताया कि एक चीनी नागरिक के कहने पर 1.2 लाख रुपये के कमीशन पर उसने ये अकाउंट खोला था।
जांच में बेटेंच नेटवर्क के नाम पर चल रहा अकाउंट भी जिंदई टेक्नोलॉजीज से जुड़ा मिला। यह अकाउंट दिल्ली के निवासी संजय कुमार ने 1.2 लाख रुपये के कमीशन पर एक चीनी नागरिक के कहने पर खुलवाया था।
जानकारी
संजय ने खुलवाए कुल 15 बैंक अकाउंट
संजय ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने चीनी नागरिक के कहने पर कुल 15 बैंक अकाउंट खुलवाए थे और इनकी डिटेल ताइवान के नागरिक चू चुन-यू के साथ शेयर की थीं। वह हर अकाउंट के 1.2 लाख रुपये लेता था।
घोटाला
ऐसे दिया जाता था घोटाले को अंजाम
घोटालेबाज सबसे पहले लोगों को फंसाकर उनसे ऑनलाइन ऐप्स के जरिए निवेश कराते। निवेश किया हुआ ये पैसा जिंदई टेक्नोलॉजीज से जुड़े बैंक अकाउंट्स में पहुंचता था।
इसके बाद कई अलग-अलग बैंक अकाउंट से होता हुआ ये पैसा नवीन कौशिक के रंजन मनी कॉर्पोरेशन और KDS फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड के पास पहुंचता, जो मुद्रा बदलने की आधिकारिक कंपनियां हैं।
ये कंपनियां रुपयों को डॉलर में बदलकर साहिल और सनी को देती थीं जो इसे हवाला के जरिए चीन भेजते थे।
जानकारी
मुख्य आरोपियों के 2019 में भारत आने की आशंका
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी, ताइवानी नागरिक चुन-यू और चीनी नागरिक ली झोंगजुन, ऑपरेटिवर्स भर्ती करने के लिए 2019-20 में भारत आए थे, लेकिन महामारी शुरू होने पर चीन वापस लौट गए। घोटाला दोबारा शुरू होने पर उन्होंने अपने बॉस को पुराना डाटा दे दिया।
आशंका
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर ने जताई हजारों करोड़ रुपये का घोटाला होने की आशंका
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर सीवी आनंद ने बताया कि रंजन मनी कॉर्पोरेशन ने लगभग 441 करोड़ रुपये, वहीं KDS फॉरेक्स ने 462 करोड़ रुपये का लेनदेन किया। इन कंपनियों को कमीशन के तौर पर लेनदेन का 0.2 प्रतिशत मिलता था।
उन्होंने कहा, "हमें संदेह है कि देशभर में लाखों निवेशकों को चूना लगाया गया है। केवल दिल्ली में ही 10,000 करोड़ रुपये का घोटाला होने की आशंका है। ये हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हो सकता है।"
बयान
पुलिस कमिश्नर ने बैंकों और रेगुलेटरी संस्थाओं पर लगाया लापरवाही का आरोप
कमिश्नर आनंद ने बैंकों और रेगुलेटरी संस्थाओं पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि मनी चेंज और फॉरेक्स कंपनियां रिजर्व बैंक द्वारा अधिकृत कानूनी संस्थाएं हैं, लेकिन वो गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रही हैं।
पुलिस ने कहा कि वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को पत्र लिखकर जांच को आगे ले जाने के लिए कहेंगे।
बता दें कि इससे पहले लोन देने वाले चाइनीज ऐप्स के जरिए 500 करोड़ रुपये का घोटाला भी सामने आया था।