
तेलंगाना का पोचमपल्ली 'सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव' की सूची में शामिल, UNWTO ने किया ऐलान
क्या है खबर?
अपनी अनूठी बुनाई शैलियों के कारण वोकल फॉर लोकल के तहत विशेष पहचान बनाने वाले तेलंगाना के पोचमपल्ली गांव का नाम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है।
संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने मंगलवार को पोचमपल्ली गांव को बेस्ट टूरिज्म विलेज (सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव) की सूची में शामिल किया है।
इसके लिए पुरस्कार 2 दिसंबर को स्पेन के मैड्रिड में आयोजित यूएनडब्ल्यूटीओ महासभा के 24वें सत्र में दिया जाएगा।
जानकारी
क्या है UNWTO की बेस्ट टूरिज्म विलेज परियोजना?
बता दें कि बेस्ट टूरिज्म विलेज UNWTO की एक पायलट परियोजना है। इसके उद्देश्य उन गांवों को पुरस्कृत करना है जो ग्रामीण स्थलों में उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
इसके तहत सर्वश्रेष्ठ गांव को चुनने के लिए नौ क्षेत्रों का मूल्यांकन किया जाता है और इनमें सभी में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाता है।
तेलंगाना के पोचमपल्ली गांव का इस सूची में शामिल होनो राज्य के साथ पूरे देश के लिए बड़े गर्व की बात है।
सिफारिश
पर्यटन मंत्रालय ने तीन गांवों के भेजे थे नाम
NDTV के अनुसार, पर्यटन मंत्रालय ने भारत से UNWTO बेस्ट टूरिज्म विलेज के लिए तीन गांवों की सिफारिश की थी। इनमें मेघालय का कोंगथोंग, मध्य प्रदेश का लधपुरा खास और तेलंगाना का पोचमपल्ली गांव शामिल था।
इसके बाद UNWTO ने तीनों गांवों की उपलब्धियों को अपने मापदंडों के अनुसार आंकलन किया था। जिसके बाद तीनों में से पोचमपल्ली ने UNWTO बेस्ट टूरिज्म विलेज की सूची में शामिल होने का सम्मान हासिल किया है।
बधाई
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने दी बधाई
केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस उपलब्धि के लिए गांव के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, "आत्मनिर्भर भारत के तहत पोचमपल्ली की अनूठी बुनाई शैलियों को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के जरिए विशेष पहचान मिली थी।"
उन्हों ने कहा, "विशेष रूप से पोचमपल्ली के लोगों और तेलंगाना के लोगों की ओर से मैं आभारी हूं कि यह पुरस्कार पोचमपल्ली गांव को दिया गया है।"
मशहूर
साड़ियों पर इकत शैली की बुनाई के लिए मशहूर है पोचमपल्ली गांव
बता दें कि पोचमपल्ली राजधानी हैदराबाद से 50 किलोमीटर दूर नलगोंडा जिले का एक गांव है। इस गांव को साड़ियों पर की जाने वाली उत्कृष्ट बुनाई के लिए भारत के 'रेशम शहर' के रूप में जाना जाता है।
यहां पर तैयार होने वाली विशेष साड़ी पर इकत नामक एक अनूठी शैली से बुनाई की जाती है। ये साड़ी भारत के सभी राज्यों में खासी प्रसिद्ध है। इस गांव को वोकल फॉर लोकल अभियान के तहत विशेष पहचान मिली थी।