
नेटफ्लिक्स ने की उपहार अग्निकांड पर आधारित शो की घोषणा, जनवरी में होगा स्ट्रीम
क्या है खबर?
जून 1997 का वो दिन भला कौन भूल सकता है जब 50 से ज्यादा दर्शकों ने सिनेमाघर में लगे भीषण आग की चपेट में आकर जान गंवा दी थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
हम बात कर रहे हैं उपहार सिनेमा अग्निकांड की। आपको इस हादसे के पीड़ितों की तकलीफ जल्द ही पर्दे पर देखने को मिलेगी।
नेटफ्लिक्स ने इस घटना पर आधारित शो 'द ट्रायल बाई फायर' की घोषणा की है।
शो
जनवरी में नेटफ्लिक्स पर होगा प्रसारित
'द ट्रायल बाई फायर' 13 जनवरी, 2023 को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा।
शो का निर्देशन प्रशांत नायर और रणदीप झा ने किया है।
यह एक कोर्टरूम ड्रामा शो है जिसमें इस अग्निकांड के पीड़ितों के न्याय की लड़ाई को दिखाया जाएगा।
यह नीलम और शेखर कृष्णमूर्ति की बेस्टसेलर किताब 'ट्रायल बाई फायर: द ट्रैजिक टेल' पर आधारित है।
शो में अभय देओल, राजेश तैलांग, अनुपम खेर और रत्ना पाठक शाह जैसे सितारे नजर आएंगे।
ट्विटर पोस्ट
नेटफ्लिक्स ने की घोषणा
Catch the difficult yet resilient journey of two parents - Neelam and Shekhar Krishnamoorthy, seeking justice over the last two decades, in #TrialByFire on 13th January. pic.twitter.com/UVl9Aq7MxL
— Netflix India (@NetflixIndia) December 14, 2022
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
नीलम और शेखर कृष्णमूर्ति ने इस हादसे में अपने बच्चों को खो दिया था। इसके बाद न्याय की लड़ाई शुरू की। कोर्ट के चक्कर और रसूखदार आरोपियों ने उनकी लड़ाई को मुश्किल बनाया पर वे 24 साल तक जूझते रहे।
बयान
नीलम और शेखर मिसाल हैं- निर्देशक
बॉलीवुड हंगामा की खबर के अनुसार प्रशांत नायर ने कहा, "नीलम और शेखर उस जिद के बेमिसाल उदाहरण हैं जिसकी जरूरत इस देश में सुई को हल्का सा हिलाने के लिए पड़ती है। उनके साथ जो हुआ और जिस तरह उन्हें न्याय के लिए लड़ना पड़ा, वह डरावना है। दुर्भाग्य से ऐसी ही परिस्थिति में कई लोग हैं। हम इस कहानी को सुनाने में साथ देने के लिए नेटफ्लिक्स को धन्यवाद देते हैं।"
घटना
क्या है उपहार अग्निकांड?
13 जून, 1997 को दिल्ली के ग्रीनपार्क इलाके में स्थित उपहार सिनेमाहॉल में 'बॉर्डर' फिल्म के एक शो के दौरान आग लगने से 59 दर्शकों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
जांच में सामने आया कि अतिरिक्त सीटें लगाने के लिए सिनेमाहॉल का रास्ता संकरा कर दिया था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने इसकी जांच की और बाद में मामला CBI को सौंप दिया गया था।
कानूनी लड़ाई
लंबी चली कानूनी लड़ाई
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने बिजनसमैन सुशील अंसल और गोपाल अंसल और अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया था और दो साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
चार आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत भी हो गई।
अक्टूबर 2021 में अंसल बंधुओं को सबूतों से छेड़छाड़ का भी दोषी पाया गया था जिसके बाद दोनों पर ढाई-ढाई करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।