
राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज: इतिहास में पहली बार दो लड़कियों को मिला दाखिला
क्या है खबर?
भारतीय सेना में शामिल होने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (RIMC) में दाखिला लेना सपने से कम नहीं होता है।
RIMC का इतिहास 100 साल से ज्यादा पुराना है, इस संस्थान की स्थापना सन 1922 में हुई थी।
इस बार उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित इस कॉलेज में पढ़ने के लिए इतिहास में पहली बार दो लड़कियों को दाखिला दिया गया है।
एडमिशन
कक्षा 8 में हुआ दोनों छात्राओं का दाखिला
केंद्रीय कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि 2022 का जुलाई बैच सोमवार को कक्षा 8 के छात्रों के लिए शुरू हुआ, जिसमें दो छात्राएं भी शामिल थीं।
उन्होंने कहा कि यह कॉलेज के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। सिंह के मुताबिक, RIMC में पढ़ने वाली इन दो छात्राओं में से एक हरियाणा की है और दूसरी डे स्कॉलर है।
घोषणा
मार्च में की गई थी छात्राओं को शामिल करने की घोषणा
RIMC कमांडेंट कर्नल अजय कुमार ने मार्च में संस्थान के शताब्दी स्थापना दिवस के दौरान घोषणा की थी कि वे जल्द ही कॉलेज में छात्राओं को भी शामिल करेंगे।
बता दें कि संस्थान को छात्राओं के लिए उपयुक्त बनाने के लिए एक समिति का भी गठन किया गया था।
इस समिति ने अपने निर्णय को अंतिम रूप देने से पहले सभी आवश्यक कदमों का आकलन किया था।
सफलता
लड़कियों के पांच सीटों पर मांगे गए थे आवेदन, सिर्फ दो को मिली सफलता
RIMC के एक अधिकारी ने कहा कि इस बैच में लड़कियों के लिए पांच सीटें थीं, लेकिन केवल दो ही नामांकन की प्रक्रिया को पूरा कर सकीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच सीटों के लिए देशभर से कुल 568 लड़कियों ने प्रवेश परीक्षा दी थी।
बताया जा रहा है कि RIMC में अगले साल से शुरू होने वाले जनवरी बैच से लड़कियों के लिए सीटें बढ़ायी जाएंगी।
निर्णय
IRMC में लड़कियों को एडमिशन देने का निर्णय क्यों लिया गया?
RIMC में अब तक केवल लड़कों को ही दाखिला मिलता था, लेकिन RIMC में लड़कियों को प्रवेश देने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार द्वारा महिलाओं के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के दरवाजे खोलने के बाद आया।
इस सैन्य कॉलेज में कक्षा 8 से 12 तक की पढ़ाई होती है और यहां एक बार में 250 कैडेट को दाखिला मिलता है। इसके बाद यहां पढ़ने वालों छात्रों को NDA के लिए तैयार किया जाता है।
उद्देश्य
RIMC का उद्देश्य क्या है?
RIMC का उद्देश्य उन भारतीयों को आवश्यक प्रारंभिक प्रशिक्षण मुहैय्या करवाना था जो भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने के इच्छुक हैं।
पहले विश्व युद्ध के बाद अंग्रेजों को बेहतर सैन्य ट्रेनिंग की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद प्रिंस ऑफ वेल्स ने अपने भारत दौरे में इसकी शुरुआत की थी।
यह संस्था अब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला (पुणे) के लिए एक फीडर संस्थान के रूप में काम करती है जहां भारतीय सेनाओं के कैडेट अपना प्रारंभिक प्रशिक्षण हासिल करते हैं।