
CBSE की तर्ज पर हरियाणा बोर्ड भी 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस में करेगा कटौती
क्या है खबर?
हाल ही में केंद्रीय माध्यिमक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने सिलेबस में कटौती की है। इसी तर्ज पर अब हरियाणा बोर्ड भी सिलेबस कम करने की तैयारी कर रहा है।
राज्य के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) से संबद्ध सभी स्कूलों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए 9वीं से लेकर 12वीं तक के सिलेबस को कम किया जाएगा।
सिलेबस कितना कम होगा, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं हैं।
कारण
क्यों लिया गया यह फैसला?
इंडियन एक्स्प्रेस के अनुसार पाल का कहना है कि इस साल कोरोना वायरस महामारी के कारण स्कूल काफी लंबे समय से बंद हैं, इसलिए छात्रों की क्लासेस नहीं लग पाईं हैं। हालांकि, छात्रों को पढ़ाने के लिए ऑनलाइन क्लासेस लगाईं जा रही हैं। इसके बावजूद छात्रों में काफी तनाव है। ऐसे में उनके तनाव और बोझ को कम करने के लिए CBSE की तरह हरियाणा बोर्ड ने भी सिलेबस को कम करने का फैसला लिया है।
जानकारी
"छात्रों पर नहीं डालना चाहते अकादमिक दबाव'
पाल ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों पर अकादमिक दबाव नहीं डालना चाहती है। बिना किसी दबाव के उन्हें आवश्यक शिक्षा प्रदान करना चाहती है। इसलिए 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए सिलेबस को कम किया जा रहा है।
निर्देश
समिति गठित कर प्रस्ताव देने का दिया गया निर्देश
सिलेबस को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने हरियाणा बोर्ड को गुरूग्राम के स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) के साथ मिलकर एक समिति का गठन करने का निर्देश दिया है।
साथ ही सिलेबस कम करने को लेकर एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव देने के लिए भी कहा है।
साथ ही अब तक छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से जो भी पढ़ाया गया है, उसे सिलेबस में शामिल करने का निर्देश भी दिया गया है।
CBSE
CBSE ने सिलेबस से हटाए कई अध्याय
CBSE ने 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस को 30 प्रतिशत कम करने का निर्णय किया है।
इसके तहत CBSE के सिलेबस से लोकतांत्रिक अधिकार, भारत में खाद्य सुरक्षा, संघवाद, नागरिकता और धर्मनिरपेक्षता जैसे प्रमुख अध्यायों को हटा दिया गया है।
ऐसे महत्वपूर्ण अध्यायों को हटाने के कारण विवाद शुरू हो गया और कई जानकारों ने इसे लेकर सवाल भी उठाए हैं।
NCERT के पूर्व निदेशक कृष्ण कुमार का कहना है इससे किताबों का लॉजिक बिगड़ जाएगा।