
रेजरपे अपनी 10वीं सालगिरह पर कर्मचारियों को देगी कंपनी के 1 लाख रुपये के शेयर
क्या है खबर?
बेंगलुरु स्थित फिनटेक कंपनी रेजरपे ने अपनी 10वीं सालगिरह पर कर्मचारियों को 1 लाख रुपये के कर्मचारी स्टॉक स्वामित्व योजना (ESOP) देने का ऐलान किया है। यह इनाम कंपनी के 3,000 से ज्यादा कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए दिया जा रहा है।
इससे कर्मचारियों को कंपनी की भविष्य की सफलता में हिस्सेदारी मिलेगी। यह कदम उन कर्मचारियों को भी फायदा देगा, जिन्हें पहले ESOP नहीं मिले थे। भारतीय स्टार्टअप्स में कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने का यह लोकप्रिय तरीका है।
बयान
रेजरपे के CEO ने क्या कहा?
मनीकंट्रोल के अनुसार, रेजरपे के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हर्षिल माथुर ने कहा, "ESOP पहल हमारे कर्मचारियों को सफलता में हिस्सेदारी देने का तरीका है, क्योंकि हम नवाचार और धन की आवाजाही को सरल बनाते हुए व्यवसायों के लिए अधिक मूल्य बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"
सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक शशांक कुमार ने कहा, "यह पहल हमारी टीम के योगदान को मान्यता देने और रेजरपे की दीर्घकालिक मूल्य सृजन की संस्कृति को दर्शाने का प्रयास है।"
उपहार
2018 में भी कंपनी ने दिया था यह उपहार
रेजरपे ने हमेशा कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए ESOP का उपयोग किया है।
2018 में कंपनी ने अपने पहले ESOP बायबैक के दौरान 140 कर्मचारियों को उनके शेयर बेचने का मौका दिया। 2022 में 7.5 करोड़ डॉलर (लगभग 638 करोड़ रुपये) के बायबैक से 650 कर्मचारियों को फायदा हुआ।
2024 में स्विगी ने लगभग 53 करोड़ रुपये के ESOP का ऑफर दिया, जबकि अर्बन कंपनी ने 400 कर्मचारियों के लिए लगभग 212 करोड़ रुपये के ESOP की घोषणा की।
योजना
ESOP क्या है?
ESOP योजना है, जिसके तहत कंपनियां अपने कर्मचारियों को कंपनी के शेयर देती हैं।
यह कर्मचारियों को कंपनी की सफलता में हिस्सा बनाने का तरीका है। कर्मचारी इन शेयरों को अपनी नियुक्ति के बाद कुछ समय तक रख सकते हैं और फिर इन्हें बेचकर लाभ कमा सकते हैं।
ESOP का उपयोग कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने, कंपनी में उनकी भागीदारी बढ़ाने और उन्हें लंबे समय तक कंपनी में बनाए रखने के लिए किया जाता है।
स्थापना
2014 में हुई थी इसकी स्थापना
रेजरपे की स्थापना 2014 में हुई थी और यह एक सिंगल उत्पाद भुगतान गेटवे से बढ़कर अब एक बहु-उत्पाद प्लेटफॉर्म बन चुकी है। कंपनी का वार्षिक कुल भुगतान मात्रा (TPV) लगभग 15,332 अरब रुपये है।
यह भारत के 100 यूनिकॉर्न में से 80 के लिए सेवाएं प्रदान करती है और 30 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को सेवा देती है। इसके पोर्टफोलियो में 40 से अधिक उत्पाद शामिल हैं, जो भुगतान, बैंकिंग और वित्तीय प्रौद्योगिकी की जरूरतों को पूरा करते हैं।