
'हेलमेट्स फॉर इंडिया' के साथ आई रॉयल एनफील्ड, सड़क सुरक्षा के प्रति करेगी जागरूक
क्या है खबर?
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए दोपहिया वाहन निर्माता रॉयल एनफील्ड ने एक गैर-लाभकारी संगठन 'हेलमेट्स फॉर इंडिया' के साथ अपनी साझेदारी की घोषणा की है।
यह संगठन वर्तमान में भारत में हेलमेट सुरक्षा की दिशा में काम कर रहा है और रॉयल एनफील्ड जैसे ब्रांड का समर्थन मिलने के बाद संगठन का लक्ष्य ब्रांड के विशाल ईको सिस्टम की क्षमता को और बढ़ाना है।
इस सिस्टम के अंदर कम्युनिटी नेटवर्क के साथ ही खुदरा नेटवर्क शामिल हैं।
जानकारी
2018 में स्थापित हुई थी हेलमेट्स फॉर इंडिया
हेलमेट्स फॉर इंडिया को 2018 में एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में शुरू किया गया था। यह जर्मन फिल्म निर्माता और पूर्व विश्व चैंपियन माउंटेन बाइक रेसर नील्स-पीटर जेन्सेन द्वारा शुरू की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
जानकारी
बेहतरीन आर्टवर्क से करते हैं लोगों को प्रेरित
हेल्मेट्स फॉर इंडिया अपनी बात कहने के लिए कला का उपयोग करता है, जिसमें हेलमेट को किसी कैनवास की तरह इटेमाल करके इसमें बेहतरीन डिजाइन्स बनाए जाते हैं।
नील्स का मानना है कि कला और मोटरसाइकिल दोनों स्वतंत्रता के लिए खड़े हैं और सीमाओं से परे लोगों से जुड़ने की क्षमता रखते हैं।
इसलिए हेलमेट पहनने की आवश्यकता पर लाखों लोगों को शिक्षित करने के लिए और जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरे हेलमेट में बेहतरीन आर्टवर्क का उपयोग किया है।
बयान
रॉयल एनफील्ड ने साझेदारी पर जताई खुशी
साझेदारी के बारे में बोलते हुए रॉयल एनफील्ड के कार्यकारी निदेशक बी गोविंदराजन ने कहा, "सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, इसे अपनाना, सही प्रकार के राइडिंग गियर और हेलमेट सुरक्षा किसी भी सड़क सुरक्षा के प्रमुख स्तंभ रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हेल्मेट्स फॉर इंडिया एक अनूठी पहल है जो महत्वपूर्ण सुरक्षा गियर होने के अलावा हेलमेट को लोगों के व्यक्तित्व के हिसाब से डिजाइन करके प्रेरित करती है। हम हेल्मेट्स फॉर इंडिया के साथ साझेदारी करके बहुत खुश हैं।"
न्यूजबाइट्स प्लस
2020 से BIS प्रमाणित हेलमेट हो चुका है अनिवार्य
केंद्र सरकार 2020 में भारत में दोपहिया वाहनों के लिए केवल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित किए गए हेलमेट के निर्माण और ब्रिक्री के नियम को लागू कर चुकी है।
इसके तहत घटिया गुणवत्ता वाले हेलमेट बनाना और उन्हें बेचना प्रतिबंधित होगा। साथ ही ऐसे हेलमेट पहनने वाले दोपहिया सवारों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
BIS प्रमाणित हेलमेट दुर्घटना के समय लोगों को गंभीर रूप से चोटिल होने से बचाने में मदद करते हैं।