
जापान में ट्रेनों में लगाई जा रही चाकू-रोधी छतरियां, जानिए इसके पीछे का प्रमुख कारण
क्या है खबर?
जापान की ट्रेनों में चाकू से हमला करने की घटनाओं में बढ़ोतरी होने के बाद सरकार ने लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने देश की ट्रेनों में चाकू-रोधी या ब्लेड-रोधी छतरियां रखने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए हैं।
विशेष उत्पाद से तैयार होने वाली इन छतरियों पर चाकू-ब्लेड के हमलों का असर नहीं होगा और ट्रेनों में यात्रा के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
योजना
कितनी ट्रेनों में लगाई जाएंगी चाकू-रोधी छतरियां?
जेआर वेस्ट के नाम से पहचानी जाने वाली वेस्ट जापान रेलवे कंपनी ने गुरुवार को ओसाका मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस चाकू-रोधी छतरी का अनावरण किया है।
जेआर वेस्ट के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने शुरुआती चरण में कंसाई क्षेत्र में संचालित होने वाली 600 ट्रेनों में 1,200 से अधिक चाकू-रोधी छतरियां रखने का आदेश दिया है। इसका काम पूरा होने के बाद अन्य क्षेत्रों की ट्रेनों में भी इनका इस्तेमाल होगा।
खासियत
क्या है चाकू-रोधी छतरियों की खासियत?
अधिकारी ने बताया कि इन छतरियों की लंबाई लगभग 1 मीटर है और पूरी तरह से खुलने पर इनका व्यास 1.1 मीटर होगा। ये छतरियां एक विशेष सामग्री से ढंगी होंगी, जिससे उन्हें चाकू या ब्लेड से काटना या भेदना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि खुली हुई छतरी यात्रियों को चाकू के हमलों से बचा सकेगी। ये छतरियां सामान्य की तुलना में लगभग 20 सेमी लंबी हैं और इनमें मोटे हैंडल के साथ मजबूत आरयन स्टिकें लगी हैं।
अन्य
चाकू-रोधी छतरियों की अन्य सुविधाएं क्या हैं?
अधिकारी ने बताया कि ट्रेनों में अब तक इस्तेमाल किए गए सुरक्षा कवच भारी और नजदीकी दूरी से इस्तेमाल के लिए थे। अब महिला कर्मचारियों के लिए कुछ हल्का और संभालने में आसान कवच विकसित किया है।
उन्हाेंने बताया कि इन चाकू-रोधी छतरियों का वजन केवल 700 ग्राम होगा और इसका इस्तेमाल आसान होगा। इसी तरह ये छतरियां जालीदार कपड़े से निर्मित होंगी, जिससे उपयोगकर्ता सुरक्षित रहते हुए हमलावर पर नजर भी रख सकेगा।
बयान
सभी ट्रेनों में रखी जाएंगी 2-2 चाकू-रोधी छतरियां
जेआर वेस्ट के अध्यक्ष, काज़ुआकी हसेगावा ने कहा, "इन चाकू-रोधी छतरियों को ट्रेन के डिब्बे में इस्तेमाल किया जा सकता है और ये टिकाऊ भी हैं। आपात स्थिति में हम चाहते हैं कि चालक दल तुरंत प्रतिक्रिया दे और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।"
उन्होंने कहा, "कंसाई क्षेत्र (ओसाका और क्योटो भी शामिल) की 600 ट्रेनों में 1,200 छतरियां इस्तेमाल की जाएगी। इसका मतलब है कि प्रत्येक ट्रेन में चालक दल के केबिन में 2 छतरियां होंगी।"
जानकारी
ट्रेनों में पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं ये सुरक्षा उपकरण
बता दें कि जापान की ट्रेनों में पहले से ही ढाल, छुरा-प्रतिरोधी जैकेट और छुरा-प्रतिरोधी दस्ताने जैसे सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं, लेकिन अब सरकार ने यह छतरी विकसित की है। इसके पीछे का उद्देश्य ट्रेनों में उपयोग को आसान बनाना है।
कारण
ट्रेनों में चाकू-रोधी छतरियों के इस्तेमाल के पीछे का कारण?
जापान में हाल ही में ट्रेनों में हुई चाकू से हमलों की घटना ने अधिकारियों को चिंतित किया है।
जुलाई 2023 में ओसाका में एक ट्रेन पर एक व्यक्ति ने चाकू से हमला कर 3 लोगों को घायल कर दिया था।
अक्टूबर 2021 में 26 वर्षीय क्योटा हतोरी ने टोक्यो की ट्रेन में जोकर की पोशाक पहनकर चाकू से हमला किया था, जिसमें 10 लोग घायल हो गए थे। बाद में उसे 23 साल की जेल हुई।
अन्य
जापान में ये भी हुई हैं चाकू से हमले की घटनाएं
अधिकारियों के अनुसार, अगस्त 2021 में टोक्यो में ओडाक्यू लाइन पर युसुके त्सुशिमा ने चाकू से 10 लोगों को घायल कर दिया था। त्सुशिमा ने दावा किया कि उसने अकेलेपन का शिकार होने के कारण घटना को अंजाम दिया था।
इसी तरह साल 2016 में सातोशी उएमात्सु नामक एक व्यक्ति ने सागामिहारा शहर में मानसिक रूप से विकलांगों के लिए एक देखभाल केंद्र पर हमला किया था, जिसमें 19 लोगों की मौत हुई थी और 26 घायल हुए थे।