
घिबली स्टाइल तस्वीर बनाते समय रहें सावधान, नहीं तो हो सकता है भारी नुकसान
क्या है खबर?
सोशल मीडिया पर घिबली स्टाइल में अपनी तस्वीरें अपलोड करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
नेता, सेलिब्रिटी और बड़ी संख्या में आम लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी इन तस्वीरों को तेजी से शेयर कर रहे हैं।
हालांकि, बिना सोचे-समझे किसी भी AI टूल पर अपनी तस्वीर अपलोड करना साइबर धोखाधड़ी का शिकार बना सकता है। ये प्लेटफॉर्म आपकी तस्वीरों का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग, डाटा स्टोरेज और पहचान चोरी के लिए कर सकते हैं।
जरुरी बात
AI ऐप्स में फोटो अपलोड करना क्यों खतरनाक?
AI तकनीक से फोटो एडिट करना जितना दिलचस्प है, उतना ही खतरनाक भी।
कई कंपनियां पहले ही सोशल मीडिया से करोड़ों तस्वीरें चोरी कर चुकी हैं। मई, 2024 में ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी का डाटा लीक हुआ, जिसमें लाखों लोगों की निजी जानकारी सार्वजनिक हो गई।
AI प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड की गई तस्वीरें अक्सर बिना अनुमति के स्टोर की जाती हैं और साइबर अपराधी इनका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
खतरा
AI तस्वीरें कैसे आपकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं?
AI से बनाई गई तस्वीरें केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक बड़ी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 तक फेशियल रिकग्निशन बाजार 5.73 अरब डॉलर (लगभग 49,000 करोड़ रुपये) का हो सकता है। कंपनियां और अपराधी, दोनों ही यूजर्स की तस्वीरों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कुछ वेबसाइटें किसी भी व्यक्ति की तस्वीर से उसकी पूरी डिजिटल पहचान निकाल सकती हैं। इससे ऑनलाइन स्टॉकिंग, ब्लैकमेलिंग और साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ने की आशंका है।
सावधानी
AI घिबली स्टाइल तस्वीर बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप अपने डाटा और पहचान को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो AI टूल्स पर अपनी तस्वीरें अपलोड करने से बचें।
सोशल मीडिया पर हाई-रेजोल्यूशन इमेज पोस्ट करने से पहले सोचें। फेस अनलॉक की बजाय मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
किसी अनजान ऐप को कैमरा एक्सेस न दें और AI टूल्स की प्राइवेसी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें। अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जागरूकता जरूरी है, ताकि आपकी पहचान किसी गलत हाथों में न जाए।