
स्मार्टफोन की बैटरी में नहीं आएगी जल्दी कोई खराबी, इन बातों का रखें ध्यान
क्या है खबर?
स्मार्टफोन कंपनियां अपने फोन को दूसरों से अलग बनाने और दिखाने के लिए भले ही प्रोसेसर, डिस्प्ले, सॉफ्टवयेर आदि के लिए अलग-अलग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन बैटरी के लिए लगभग एक ही तकनीक का प्रयोग करती हैं।
इसके बाद भी कई बार कुछ स्मार्टफोन की बैटरियां जल्दी खराब हो जाती हैं या डिस्चार्ज होने लगती हैं। ऐसा फोन और बैटरी के रखरखाव पर निर्भर करता है।
आइ इनको बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी बातें।
तरीका
खराबी आने से पहले ही रखें सावधानी
एक बार फोन की बैटरी खराब हो जाने के बाद उसको बदलवाने के अलावा ठीक करने का कोई तरीका नहीं है। ऐसे में बैटरी में कोई खराबी आने से पहले ही उससे जुड़ी सावधानी रखकर आने वाली दिक्कत से बचा जा सकता है।
कई बार एक ही मॉडल वाले फोन की बैटरी अलग-अलग परफॉर्म करती हैं। ऐसे में इस बात की आशंका बढ़ जाती है कि जिसकी बैटरी ठीक काम नहीं कर रही है उसमें कुछ लापरवाही बरती गई हो।
चार्जिंग
80 प्रतिशत तक ही चार्ज करें फोन
स्मार्टफोन को लंबे समय तक फुल चार्ज करने से बैटरी पर दबाव पड़ता है। इसलिए यही सुझाव दिया जाता है कि फोन को हमेशा 80 प्रतिशत तक ही चार्ज करें।
फोन को रातभर चर्जिंग में लगाकर न छोड़ें, क्योंकि बैटरी 100 प्रतिशत चार्ज होने के बाद भी पावर सप्लाई होती रहेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, आईफोन और आसुस जैसे कुछ स्मार्टफोन में बैटरी 80 प्रतिशत तक पहुंचने पर चार्जिंग खुद से बंद होने का विकल्प होता है।
डिस्चार्ज
20 प्रतिशत से नीचे न जानें दें चार्जिंग
फोन को ज्यादा चार्ज करने के अलावा पूरी तरह से डिस्चार्ज होने से भी नुकसान पहुंचता है।
कई बार तो बैटरी पूरी तरह से डिस्चार्ज होने के बाद फोन के चार्जर से वह चार्ज भी नहीं होती और उसे बूस्टर से चार्ज करना पड़ता है। इसलिए फोन की बैटरी का औसत स्तर बनाए रखना जरूरी है।
बैटरी जब 20 प्रतिशत के आसपास पहुंच जाए तो उसे चार्ज कर लें और 80 प्रतिशत तक ही चार्ज करें।
चार्जर
ओरिजनल चार्जर का ही करें इस्तेमाल
फोन निर्माता कंपनियां फोन के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के मुताबिक, उनके लिए निश्चित क्षमता वाले अच्छी क्वालिटी के चार्जर बनाती हैं। इसलिए हमेशा स्मार्टफोन के साथ आने वाले चार्जर का ही उपयोग करें।
कुछ कंपनियां फोन के साथ चार्जर नहीं देती हैं तो ऐसे में कंपनी के द्वारा सुझाए गए चार्जर का इस्तेमाल करें।
ओरिजनल चार्जर फोन की जरूरत के अनुसार बिना किसी बाधा के लगातार पावर सप्लाई करते हैं।
जानकारी
सॉफ्टवेयर करते रहें अपडेट
कई बार सॉफ्टवेयर से जुड़ी खामियों के चलते भी फोन की बैटरी खराब परफॉर्म करती है। इसलिए फोन निर्माता कंपनी जब भी अपडेट जारी करे तो फोन को तुरंत अपडेट कर लें। बैटरी परफॉर्मेंस से जुड़ा अपडेट है तब तो बिल्कुल भी देरी न करें।
हीट
फोन को गर्म होने पर न करें इस्तेमाल
बार-बार फोन गर्म होने से भी उसके बैटरी और परफॉर्मेंस पर भी बड़ा प्रभाव पड़ता है। सॉफ्टवेयर में बग लेकर गर्म वातावरण तक फोन के गर्म होने के कारण हो सकते हैं।
सॉफ्टवेयर में मौजूद कमी से फोन के हीट होने की समस्या को सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए ठीक किया जा सकता है।
गेमिंग और वीडियो शूटिंग के दौरान भी फोन गर्म होता है। ऐसे में फोन के कवर को हटा दें और उसे ठंडा होने के बाद इस्तेमाल करें।
अन्य
कठोर सतह पर करें चार्ज और ब्राइटनेस को रखें कम
मोबाइल को चार्ज करते समय कठोर सतह पर रखें, क्योंकि चार्जिंग के दौरान फोन गर्म होते हैं।
कठोर सतह पर रखे होने से इनकी हीट आसानी से निकल जाती हैं, लेकिन जब मुलायम या नर्म सतह पर फोन रखकर चार्ज करते हैं तो हीट नहीं निकल पाती।
फोन की ब्राइटनेस ज्यादा रखने से भी फोन गर्म होता है और इससे बैटरी पर भी दबाव पड़ता है। इसलिए संभव हो तो ब्राइटनेस को ऑटोमैटिक रखें या कम रखें।