
आपका गूगल अकाउंट कोई अनजान तो नहीं कर रहा इस्तेमाल? ऐसे करें चेक
क्या है खबर?
एंड्रॉयड स्मार्टफोन से लेकर किसी अन्य डिवाइस में लॉग इन करने और विभिन्न ऐप्स, सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने के लिए गूगल का अकाउंट जरूरी है।
जरूरत पड़ने पर लोग किसी डिवाइस में लॉग इन कर लेते हैं और लॉग आउट करना भूल जाते हैं। ऐसे में उस अकाउंट का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
दूसरे डिवाइस में अपना अकाउंट लॉग इन होने के बारे में पता किया जा सकता है और उसे डिवाइस से लॉग आउट भी कर सकते हैं।
लॉगआउट
यह पता लगाना है जरूरी
यूजर यदि किसी डिवाइस में अपना अकाउंट लॉगिन करने के बाद लॉगआउट करना भूल गए हैं तो उनके अकाउंट पर आधारित गूगल फोटोज, शीट, जीमेल आदि से यूजर का डाटा चोरी किया जा सकता है।
ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए यह पता करना जरूरी है कि किसी ऐसे डिवाइस में आपका अकाउंट तो लॉग इन नहीं है, जिसे आप इस्तेमाल ही न कर रहे हों या फिर कभी इमरजेंसी में इस्तेमाल किया हो।
एंड्रॉयड
ऐसे पता कर सकते हैं अन्य डिवाइस में अकाउंट लॉग इन की जानकारी
सिर्फ एक एंड्रॉयड फोन की मदद से भी यूजर अन्य डिवाइसों में अपने गूगल अकाउंट के लॉगिन होने की जानकारी पा सकते हैं।
यूजर फोन की 'सेटिंग' में जाकर वहां स्क्रॉल करके 'गूगल' के विकल्प पर टैप करें। अब 'मैनेज योर गूगल अकाउंट' पर टैप कर बायीं तरफ स्लाइड करते हुए 'सिक्योरिटी सेक्शन' पर पहुंचें।
यहां स्क्रॉल करने पर नीचे 'योर डिवाइस' सेक्शन दिखेगा, जहां टैप करके पता कर सकते हैं कि किस-किस डिवाइस में आपका अकाउंट लॉग इन है।
डिवाइस
अन्य डिवाइस से अकाउंट रिमूव करने की प्रक्रिया
यदि आपको कोई ऐसा डिवाइस दिखता है, जिसे आप इस्तेमाल नहीं करते हैं या पहले भी कभी इस्तेमाल नहीं किया है तो दिखाई जा रही लिस्ट में उस डिवाइस पर टैप करें। यहां साइन आउट का विकल्प दिखेगा। इसे साइन आउट कर दें।
अब उस डिवाइस से आपका अकाउंट लॉग आउट हो जाएगा।
बेहतर सेफ्टी के लिए यूजर को चाहिए कि वो साइन आउट करने के बाद अपने अकाउंट का पासवर्ड भी बदल दें।
अकाउंट
इस्तेमाल कर सकते हैं 2-स्टेप वेरफिकेशन
यूजर्स अपने अकाउंट की सेफ्टी के लिए सुरक्षा की एक और लेयर जोड़ने के लिए 2-स्टेप वेरिफिकेशन फीचर चालू कर सकते हैं।
यह फीचर सिक्योरिटी सेक्शन में होता है। इसे सेट करने के बाद यूजर रजिस्टर्ड पासवर्ड या अपने स्मार्टफोन की मदद से किसी भी डिवाइस पर अपना गूगल अकाउंट लॉग इन कर पाएंगे।
बार-बार 2-स्टेप वेरिफिकेशन कोड या सिक्योरिटी पिन इस्तेमाल करने की जगह अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन को 'ट्रस्टेड' के रूप में भी मार्क कर सकते हैं।