
भारत में 5G कनेक्टिविटी लाने के लिए क्वालकॉम के साथ आई एयरटेल
क्या है खबर?
देश में 5G टेक्नोलॉजी लागू देने के लिए टेलिकॉम ऑपरेटर कंपनी एयरटेल ने स्मार्टफोन चिप मेकर क्वालकॉम के साथ पार्टनरशिप की है।
दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी के बाद एयरटेल क्वालकॉम के 5G RAN प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल वर्चुअलाइज्ड और ओपेन RAN-बेस्ड 5G नेटवर्क्स यूजर्स तक पहुंचाने के लिए करेगी।
हाल ही में एयरटेल भारत में 5G नेटवर्क की टेस्टिंग करने वाली पहली टेलिकॉम ऑपरेटर कंपनी बनी है और कंपनी ने हैदराबाद में 5G टेस्टिंग की है।
तैयारी
ज्यादा यूजर्स तक पहुंचेगी नई टेक्नोलॉजी
एयरटेल ने बताया है कि क्वालकॉम के साथ पार्टनरशिप के बाद दोनों कंपनियां 5G के मल्टिपल यूज केसेज पर काम करेंगी।
इसमें घरों और बिजनेसेज को बेहतर ब्रॉडबैंक कनेक्टिविटी देने के लिए 5G फिक्स्ड वायरलेस ऐक्सेस (FWA) तैयार करना भी शामिल है।
क्वालकॉम और एयरटेल एकसाथ ऐसी 'कॉस्ट-इफेक्टिव' ब्रॉडबैंड सेवाओं पर काम करेंगी, जिनकी मदद से भारत के सुदूर क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाया जा सके।
इसके बाद एयरटेल IoT प्रोडक्ट्स के लिए 5G कनेक्टिविटी लाने पर काम करेगी।
फायदा
बदल जाएगा स्ट्रीमिंग और गेमिंग अनुभव
एयरटेल ने बताया है कि इसके 5G सॉल्यूशंस की मदद से मल्टी-गीगाबाइट इंटरनेट स्पीड्स यूजर्स को वायरलेस तरीके से मिलेगी।
एंड-यूजर्स के लिए इसका मतलब अल्ट्रा-फास्ट और लो-लेटेंट नेटवर्क्स के साथ बड़ी फाइल्स के लिए फास्ट डाउनलोड स्पीड और 4K कंटेंट स्ट्रीमिंग है।
यूजर्स को 5G के साथ 4G के मुकाबले 10 गुना तक तेज इंटरनेट स्पीड मिलेगी।
कंपनी को 5G के साथ वर्चुअल रिएलिटी और स्मार्ट होम्स जैसी कैटेगरी में नेटवर्क्स बढ़ाने की उम्मीद है।
स्पेक्ट्रम
क्वालकॉम के साथ मिलेगा ढेरों 5G बैंड्स का सपोर्ट
क्वालकॉम के 5G FWA प्लेटफॉर्म के साथ ढेरों 5G स्पेक्ट्रम बैंड्स और मोड्स का सपोर्ट मिल जाएगा, जिनमें एक्सटेंडेड-रेंज हाई पावर सब-6 से एक्सटेंडेड-रेंज मिमीवेव तक शामिल हैं।
एयरटेल ने कहा, "क्वालकॉम 5G RAN प्लेटफॉर्म्स का पोर्टफोलियो बेहतरीन टेक्नोलॉजी का फायदा वर्चुअलाइज्ड और फ्लेक्सिबल 5G ढांचा तैयार करने में मिलेगा। एयरटेल के नेटवर्क वेंडर्स और डिवाइस पार्टनर साथ मिलकर 5G ऐप्लिकेशंस का बेहतर डिवेलपमेंट कर पाएंगे और अपनी सेवाओं का पूरा इस्तेमाल करेंगे।"
टेस्टिंग
हैदराबाद में की गई पहली 5G टेस्टिंग
बीते दिनों एयरटेल ने हैदराबाद में एक कॉमर्शियल नेटवर्क पर अपनी 5G सेवाओं को टेस्ट की।
5G टेस्टिंग करने वाली पहली कंपनी बनने के लिए एयरटेल ने 1800MHz बैंड स्पेक्ट्रम और NSA (नॉन-स्टैंड अलोन) नेटवर्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया।
कंपनी ने बताया है कि एक ही स्पेक्ट्रम ब्लॉक पर हाई-स्पीड इंटरनेट देने के लिए 5G और 4G नेटवर्क्स के डायनमिक स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल किया गया।
यानी कि यूजर्स हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए 4G और 5G के बीच स्विच कर पाएंगे।
इंतजार
भारत में कब तक आएगी 5G टेक्नोलॉजी?
भारती एयरटेल के अलावा रिलायंस जियो भी 5G टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है और साल 2021 की दूसरी छमाही में इसकी टेस्टिंग शुरू कर देगी।
रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार की ओर से जल्द 5G ट्रायल शुरू करने की अनुमति मिल सकती है।
एयरटेल और रिलायंस जियो के बीच होड़ के चलते 2022 के आखिर या 2023 की शुरुआत में सभी यूजर्स के लिए 5G रोलआउट किया जा सकता है।